असम में सुखोई Su-30MKI क्रैश स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद, जोरहाट एयरबेस से उड़ान के कुछ देर बाद हुआ हादसा

Vin News Network
Vin News Network
3 Min Read
असम के कार्बी आंगलोंग में सुखोई Su-30MKI क्रैश, जोरहाट एयरबेस से प्रशिक्षण मिशन पर निकले स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद।

असम में सुखोई Su-30MKI क्रैश: वायुसेना के 2 बहादुर पायलट शहीद, पूरे देश में शोक की लहरअसम के कार्बी आंगलोंग जिले में बीती रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को गमगीन कर दिया। भारतीय वायु सेना का सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें वायुसेना के दो होनहार और बहादुर पायलट शहीद हो गए।

इस हादसे ने न सिर्फ वायुसेना परिवार को बल्कि पूरे देश को गहरे दुख में डुबो दिया है।कौन थे शहीद पायलटवायु सेना ने आधिकारिक रूप से शहीद पायलटों की पहचान सार्वजनिक की है। शहीद होने वाले दोनों वीर पायलटों के नाम स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर हैं। दोनों अनुभवी और कुशल पायलट थे जिन्होंने देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया। वायु सेना ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि IAF के सभी कर्मी इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं और गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।कैसे हुआ हादसाजानकारी के मुताबिक सुखोई Su-30MKI विमान एक नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था। विमान ने जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरी थी।

उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान का जमीनी नियंत्रण कक्ष से संपर्क टूट गया और वह लापता हो गया। इसके बाद खोजबीन शुरू की गई और कार्बी आंगलोंग जिले में विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि हुई। दुर्घटनास्थल जोरहाट एयरबेस से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हादसे के कारणों की अभी जांच की जा रही है।Su-30MKI भारत का सबसे शक्तिशाली लड़ाकू विमानसुखोई Su-30MKI भारतीय वायु सेना का सबसे उन्नत और शक्तिशाली लड़ाकू विमान माना जाता है। यह रूस और भारत के संयुक्त सहयोग से निर्मित है और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा भारत में असेंबल किया जाता है। यह विमान हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के मिशनों में सक्षम है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में इसकी अहम भूमिका है।

हालांकि पिछले कुछ वर्षों में Su-30MKI से जुड़े कई हादसे हो चुके हैं, जिनके बाद विमान की तकनीकी स्थिति और रखरखाव पर सवाल उठते रहे हैं।देशभर में शोक की लहरइस दुखद हादसे की खबर फैलते ही देशभर में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर लोग शहीद पायलटों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। राजनेताओं, सैन्य अधिकारियों और आम नागरिकों ने शहीद परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। शहीद पायलटों के बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *