लखनऊ : उत्तर प्रदेश जल्द नई विमान ईंधन निर्माण नीति-2025 लाएगा। ऐसा करने वाला यूपी पहला राज्य होगा। इसके जरिए इस क्षेत्र में विभिन्न कंपनियों को प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इसके लिए ग्रीनको, एएम ग्रीन्स, ई20 ग्रीनफ्यूल्स, न्यू एरा क्लीन टेक और मालब्रोस ग्रुप सहित 18 से अधिक कंपनियों ने राज्य में सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल इकाइयां स्थापित करने के लिए ₹3000 करोड़ से अधिक के निवेश की रुचि दिखाई है।
यह निर्णय सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल के विनिर्माण में अवसरों की खोज के उद्देश्य से आयोजित निवेशक सम्मेलन में लिया गया । इन्वेस्ट यूपी द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को प्रस्तुत किया गया और उस पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
किसानों के लिए नए अवसर
इस नीति के अमल में आने के बाद और विमान फ्यूल निर्माण उद्योगों की स्थापना के बाद राज्य के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। एसएएफ़ उद्योग की बायोमास और अनाज-आधारित फीडस्टॉक- जैसे गन्ने की खोई, धान की भूसी, गेहूं का भूसा और अधिशेष अनाज की मांग किसानों के लिए नए बाजार अवसर पैदा करेगी।
जीएसटी प्रतिपूर्ति में न हो ढिलाई: मुख्य सचिव
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि उद्योगों को मिलने वाले प्रोत्साहन और जीएसटी प्रतिपूर्ति में किसी भी प्रकार की
ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को लंबित जीएसटी प्रतिपूर्ति मामलों को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर शीघ्रता से निपटाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने यह बातें रविवार को इन्वेस्ट यूपी द्वारा लखनऊ के एक होटल में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स से जुड़े मुद्दों पर एक उच्च-स्तरीय कार्यशाला में कहीं। इसमें वरुण बेवरेजेज, बलरामपुर चीनी मिल्स और पसवाड़ा पेपर्स लिमिटेड सहित कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।