संभल : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बारात लेकर दुल्हन के घर जा रहे दूल्हे समेत 8 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह खबर जैसे ही दुल्हन को पता चली, वह चीख पड़ी और रोते-रोते बेसुध हो गई। घरवालों के मुताबिक, बेटी पूरी रातभर रोती रही। कभी हाथों में लगी मेहंदी देखती तो कभी शादी के जोड़े से लिपटकर चिल्लाने लगती। परिवार की महिलाओं ने दुल्हन को किसी तरह संभाला।
एसपी संभल कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया, जनपद संभल के जुनावई थाना क्षेत्र में कल शाम पुलिस को सूचना मिली कि एक गाड़ी अनियंत्रित होकर स्कूल की दीवार से टकरा गई। 5 लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी और 5 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां 3 और लोगों की मृत्यु हो गई। इस प्रकार कुल 8 लोगों की मृत्यु हो गई। एक गंभीर रूप से घायल है और एक बच्ची की स्थिति सामान्य है। ये गाड़ी बारात में जा रहे थे, गाड़ी में दूल्हा भी सवार था जिसकी भी मृत्यु हो गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, उत्तर प्रदेश के संभल में हुए हादसे में लोगों की मौत से बहुत दुखी हूं। हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति मेरी संवेदना है। प्रत्येक मृतक के परिजनों को PMNRF से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
संभल में शुक्रवार शाम बोलेरो बेकाबू होकर एक इंटर कॉलेज की दीवार से टकरा गई। पुलिस ने गाड़ी के दरवाजे कटवा कर घायलों को बाहर निकाला। तब तक दूल्हा, उसकी भाभी समेत 5 की मौत हो चुकी थी। दूल्हे की बहन समेत 3 ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। 2 लोग घायल हैं, जिनका अलीगढ़ में इलाज चल रहा है।
हादसा दुल्हन के घर बदायूं के सिरसौल गांव से करीब 60 किमी दूर, संभल के थाना जुनावई क्षेत्र में हुआ। जब काफी देर तक बारात नहीं पहुंची तो दुल्हन के पिता ने दूल्हे के मोबाइल पर फोन किया, लेकिन कॉल किसी दूसरे ने उठाया और हादसे की जानकारी दी। इसके बाद दुल्हन के घर पर चीख-पुकार मच गई।
दुल्हन की मां कन्यावती ने बताया, 5 लाख का कर्ज लेकर शादी की तैयारी की थी। अब सब कुछ बर्बाद हो गया। बदायूं जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर दुल्हन के गांव सिरसौल में चारों तरफ मातम पसरा मिला। घर के बाहर लोग रोते-बिलखते नजर आए।
सिरसौल के रहने वाले राजू की बेटी अंजू (20) की शादी संभल के हरगोविंदपुर गांव के सूरज (24) के साथ तय हुई थी। घरवालों के मुताबिक, गुरुवार 3 जुलाई को तिलक का कार्यक्रम हुआ था, जिसमें तीन लाख रुपए का खर्च हुआ था। करीब 100 लोग दूल्हे के घर गए थे। इस दौरान अपाचे बाइक, अलमारी, रेफ्रिजरेटर, बेड, गद्दे, सोफा सेट और घरेलू सामान देकर आए थे।
दुल्हन की चाची शीला ने बताया, अंजू शादी को लेकर बहुत खुश थी। घर में पहली बार शादी जैसा बड़ा फंक्शन हो रहा था। वह लाल जोड़ा लेकर दरवाजे की तरफ देख रही थी कि बारात आने वाली है। लेकिन काफी इंतजार के बाद जब बारात नहीं आई, तब अंजू ने अपने मंगेतर को कॉल की थी, लेकिन फोन नहीं उठा।
दुल्हन के चाचा जोगराज बताते हैं, रात 8 बजे हमने दूल्हे के पिता को कॉल की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। थोड़ी देर बाद दूल्हे के नंबर पर कॉल की गई। दूसरी कॉल पर किसी रिश्तेदार ने कॉल पिक की। उसने बताया कि हादसा हो गया है। कुछ लोगों को चोट लगी है, लेकिन हमें अनहोनी की आशंका हुई तो दूसरे रिश्तेदारों को कॉल की। तब पता चला कि 8 लोगों की जान गई है। दूल्हे की भी मौत हुई है। ये सुनते ही हम लोगों के होश उड़ गए। पूरे घर में चीख-पुकार मच गई।
चाची शीला कहती हैं, बेटी को जैसे ही पता चला कि उसके होने वाले पति सूरज की जान चली गई, तो वह चीखने-चिल्लाने लगी। शादी का जोड़ा फेंक दिया। रोते-बिलखते छत पर चली गई। वहां जाकर खूब रोई और रोते-रोते बेसुध हो गई। किसी तरह पानी की छींटें डालकर उसे होश में लाया गया। अंजू जैसे ही होश में आई, फिर दूल्हे को याद करके चीखने लगी।
चाची शीला ने बताया, 500 लोगों के खाने का अरेंजमेंट था। तैयारियां हो चुकी थीं। पूरे घर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया था। जनवासे में कुर्सियां लगवाकर बारातियों के नाश्ते का इंतजाम किया जा रहा था। सभी रिश्तेदार आ चुके थे। करीब 500 बारातियों का खाना बनवाया गया था। खाना भी जैसा लड़के वालों ने बताया था, वैसा ही बनवाया गया था। गांव के बारातघर में ही पंडाल लगाया गया था, जो रात में ही उखड़वा दिया गया है।
संभल पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचीं दुल्हन की मां कन्यावती ने बताया, हम लोग हिमाचल में रहकर खेती करते हैं। मैं बीमार हूं, बेटी की शादी के लिए ही इतना कर्ज लिया था। मेरा सबकुछ बर्बाद हो गया। बेटी को जबसे हादसे का पता चला है कि वह सिर्फ रोए जा रही है।
दुल्हन के पिता राजू के चार बच्चे हैं। इनमें दुल्हन अंजू सबसे बड़ी है। उससे छोटी आरती है। दो भाइयों के नाम मानव (7) और अरुण (8) हैं। राजू के पास महज एक बीघा जमीन है, वो भी पुश्तैनी है। वह बंटाई पर जमीन लेकर हिमाचल प्रदेश में खेती करते हैं।
इधर, जिस इंटर कॉलेज की दीवार से बोलेरो टकराई थी, उस स्कूल में आज बच्चे और स्टाफ पहुंचे, लेकिन क्लास नहीं लगी। हादसे के चलते स्कूल में शोक सभा हुई। उसके बाद बच्चों की छुट्टी कर दी गई।