बिहार के ग्रेजुएशन छात्रों को मिलेगा इंटर्नशिप का मौका, हर महीने 12,300 रुपये स्टाइपेंड देगी सरकार

Vin News Network
Vin News Network
4 Min Read
ग्रेजुएशन छात्रों को बड़ा मौका!

बिहार सरकार ने उच्च शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब राज्य के ग्रेजुएशन कर रहे छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही उद्योगों से जुड़कर व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा। इसके लिए सरकार अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) शुरू करने जा रही है, जिसके तहत विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के साथ हर महीने 12,300 रुपये का स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि बदलते रोजगार बाजार में केवल अकादमिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। छात्रों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल और कार्य अनुभव भी मिलना चाहिए। इसी सोच के तहत यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

यह कार्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू किया जाएगा। शुरुआती चरण में राज्य की चार विश्वविद्यालयों से संबद्ध 13 चयनित कॉलेजों में इसे लागू किया जाएगा। इन संस्थानों में ग्रेजुएशन के तीसरे वर्ष में पढ़ रहे छात्रों को इंटर्नशिप का अवसर दिया जाएगा। यदि यह योजना सफल रहती है तो आने वाले समय में इसे राज्य के अन्य कॉलेजों तक भी विस्तारित किया जाएगा।

इस योजना को लागू करने के लिए बिहार के उच्च शिक्षा विभाग ने हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर रिसर्च इन स्कीम्स एंड पॉलिसीज के साथ समझौता किया है। दोनों संस्थाओं के बीच हुए एमओयू के बाद कार्यक्रम के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के रूप में संचालित होगा। इसकी संरचना इस प्रकार तैयार की गई है कि 75 प्रतिशत हिस्सा पारंपरिक शैक्षणिक पढ़ाई पर आधारित होगा, जबकि 25 प्रतिशत भाग उद्योग आधारित कौशल विकास और प्रशिक्षण को समर्पित रहेगा। कार्यक्रम के तहत तीसरे वर्ष में अप्रेंटिसशिप अनिवार्य होगी, जहां छात्रों को उद्योगों और संस्थानों के साथ काम करने का वास्तविक अनुभव प्राप्त होगा। इसी अवधि के दौरान उन्हें हर महीने 12,300 रुपये का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।

इस योजना के अंतर्गत विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय के कई रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं। विज्ञान वर्ग में डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स और हेल्थ केयर मैनेजमेंट जैसे विषयों को जगह दी गई है। वहीं वाणिज्य संकाय में बीकॉम, बीएफएसआई, रिटेल ऑपरेशन और ई-कॉमर्स जैसे पाठ्यक्रम शामिल होंगे। कला संकाय के छात्रों के लिए कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग जैसे आधुनिक और रोजगार आधारित कोर्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य ऐसे पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना है जिनकी वर्तमान नौकरी बाजार में अधिक मांग है।

योजना के पहले चरण में जिन कॉलेजों को चुना गया है उनमें पटना विश्वविद्यालय का बीएन कॉलेज और मगध महिला कॉलेज प्रमुख हैं। इसके अलावा पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस, गंगा देवी महिला कॉलेज और जेडी वीमेंस कॉलेज को भी शामिल किया गया है। तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले संस्थानों के साथ-साथ आरएन कॉलेज हाजीपुर, आरएसएस साइंस कॉलेज सीतामढ़ी और एलएन दुबे कॉलेज मोतिहारी को भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल बिहार के छात्रों को रोजगार के लिए अधिक तैयार बनाएगी और डिग्री के साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करेगी। इससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और उन्हें पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी हासिल करने में भी मदद मिलेगी।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *