उद्धव ठाकरे ने CJP और सोनम वांगचुक के आंदोलन को दिया समर्थन, राहुल गांधी से भी आगे आने की अपील

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जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को लेकर उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान

विन न्यूज़ नेटवर्क। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे CJP आंदोलन और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक संगठन का मुद्दा नहीं है, बल्कि छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस आंदोलन के साथ खड़ा होना चाहिए।

मुंबई में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उद्धव ठाकरे ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी इस आंदोलन को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को युवाओं से जुड़े इस मुद्दे पर खुलकर आगे आना चाहिए।

सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील

ठाकरे ने सोनम वांगचुक से आमरण अनशन समाप्त करने का आग्रह करते हुए कहा कि उनका जीवन अत्यंत मूल्यवान है। उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रह सकता है, लेकिन स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। वांगचुक पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरने में शामिल हैं और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।

24 दिनों से जारी है CJP का प्रदर्शन

CJP का धरना 20 जून से जारी है। संगठन का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और कथित पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देना शामिल है।

संगठन ने कहा है कि मई में आयोजित NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद जिन छात्रों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता दी जानी चाहिए।

डॉक्टरों ने जताई स्वास्थ्य को लेकर चिंता

चिकित्सकों के अनुसार, लगातार अनशन के कारण सोनम वांगचुक की तबीयत प्रभावित हुई है। उनका रक्तचाप सामान्य से कम पाया गया है और भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से उनका वजन भी काफी घट गया है। डॉक्टरों ने नियमित स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता बताई है।

20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी

CJP ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने की घोषणा की है। इस प्रस्तावित मार्च को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी इस मार्च का समर्थन करेगी। उन्होंने बताया कि उसी दिन शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) महाराष्ट्र में भी प्रदर्शन आयोजित करेगी और आंदोलन के प्रति एकजुटता जताएगी।

धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग पर समर्थन

ठाकरे ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफा मांगना कोई असामान्य बात नहीं है। यदि छात्रों और अभिभावकों के बीच परीक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, तो सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी के सांसद संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे को उठाएंगे और छात्रों के हितों से जुड़े सवालों पर सरकार से जवाब मांगेंगे।

नागपुर में राम रक्षा आंदोलन में होंगे शामिल

उद्धव ठाकरे ने यह भी जानकारी दी कि वह 18 जुलाई को नागपुर जाएंगे, जहां अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के विरोध में चल रहे ‘राम रक्षा’ आंदोलन में हिस्सा लेंगे।

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