विन न्यूज़ नेटवर्क। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संभावित गठबंधन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने गठबंधन को लेकर सपा नेतृत्व को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यदि साथ आना है तो बातचीत गंभीरता और ईमानदारी से होनी चाहिए।
इमरान मसूद ने कहा कि गठबंधन को लेकर लगातार चर्चा होती रहती है, लेकिन ठोस बातचीत आगे नहीं बढ़ती। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि बिना तैयारी के बहस करने से कोई फायदा नहीं है और पहले स्पष्ट रणनीति तय होनी चाहिए।
सपा को तय करना होगा लड़ाई किससे है
कांग्रेस सांसद ने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहे तो उनके खिलाफ स्थानीय स्तर पर उम्मीदवार उतार सकती है, लेकिन उसे यह स्पष्ट करना होगा कि उसकी मुख्य राजनीतिक लड़ाई उनसे है या भारतीय जनता पार्टी से। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के सहयोग और राहुल गांधी के नेतृत्व का समाजवादी पार्टी को बड़ा फायदा मिला। उनके अनुसार, विपक्षी दलों की एकजुटता से ही सपा को बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिला।
200 सीटों की मांग का जिक्र
सीट बंटवारे के सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि कांग्रेस की ओर से लगभग 200 सीटों पर दावेदारी रखी गई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व जिस संख्या पर अंतिम फैसला करेगा, वह उसे स्वीकार करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह व्यक्तिगत रूप से चाहते हैं कि दोनों दलों के बीच गठबंधन बने, क्योंकि भाजपा के खिलाफ मजबूत मुकाबले के लिए विपक्षी एकता जरूरी है।
अखिलेश यादव पर भी दिया बयान
सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर पूछे गए सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि अखिलेश उनके नेता नहीं हैं, इसलिए वह राजनीतिक मुद्दों पर उनसे सवाल पूछ सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनके नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हैं।
ललिता गौतम मामले में पुलिस पर सवाल
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को ललिता गौतम मामले में रोके जाने पर इमरान मसूद ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताकर उन्हें आगे नहीं जाने दिया। मसूद के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं ने यहां तक प्रस्ताव दिया कि उन्हें पुलिस वाहन में ही घटनास्थल तक ले जाया जाए, लेकिन इसके बावजूद अनुमति नहीं दी गई।
सपा नेता उदयवीर सिंह का पलटवार
इमरान मसूद के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा नेता उदयवीर सिंह ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि कांग्रेस सांसद ऐसा क्यों बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को इस पर विचार करना चाहिए कि इमरान मसूद लगातार इस तरह के बयान क्यों दे रहे हैं। उदयवीर सिंह ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव का नाम लेकर लगातार बयान देना उचित नहीं है और इससे विपक्षी एकता पर असर पड़ सकता है।
गठबंधन पर बनी हुई है नजर
उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा और कांग्रेस का संभावित गठबंधन लगातार चर्चा में बना हुआ है। दोनों दल सार्वजनिक तौर पर भाजपा को हराने की बात करते हैं, लेकिन सीट बंटवारे और नेतृत्व को लेकर अलग-अलग संकेत भी सामने आ रहे हैं।