पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा का 85 वर्ष की आयु में शनिवार को बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में निधन हो गया। वह पिछले कई दिनों से सांस संबंधी समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती थीं। अस्पताल के अनुसार, शनिवार शाम करीब 4 बजे उन्हें अचानक गंभीर हृदयाघात (कार्डियक अरेस्ट) आया, जिसके बाद डॉक्टरों के सभी प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है।
राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
कर्नाटक सरकार ने चेन्नम्मा के अंतिम संस्कार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न कराने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी की माता होने के नाते उन्हें यह सम्मान दिया जाएगा। उनका पार्थिव शरीर पहले बेंगलुरु के पद्मनाभनगर स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। अंतिम संस्कार सोमवार को हासन जिले के उनके पैतृक गांव में किए जाने की संभावना है।
1954 में हुआ था एचडी देवेगौड़ा से विवाह
चेन्नम्मा का विवाह वर्ष 1954 में एचडी देवेगौड़ा से हुआ था। उनके परिवार में चार बेटे और दो बेटियां हैं। उनके पुत्र एचडी कुमारस्वामी केंद्र सरकार में मंत्री हैं, जबकि एचडी रेवन्ना कर्नाटक की होलानरसिपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। राजनीतिक परिवार से जुड़े होने के बावजूद चेन्नम्मा हमेशा सार्वजनिक जीवन से दूर रहीं और सादगीपूर्ण जीवन जीने के लिए जानी जाती थीं।
सार्वजनिक जीवन से दूर रहीं, परिवार को दी प्राथमिकता
चेन्नम्मा ने हमेशा परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी और राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखी। वर्ष 2001 में वह एक तेजाब हमले में बाल-बाल बच गई थीं। उस समय इस घटना को पारिवारिक विवाद से जुड़ा बताया गया था। इसके बावजूद उन्होंने कभी सार्वजनिक विवादों में खुद को नहीं रखा और परिवार के साथ शांत जीवन व्यतीत किया।
प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
चेन्नम्मा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सहित कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। नेताओं ने उन्हें एक सादगीपूर्ण, धार्मिक और परिवार के प्रति समर्पित महिला बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। डीके शिवकुमार ने कहा कि चेन्नम्मा एक मां के रूप में पूरे परिवार की प्रेरणा थीं और उन्होंने अपने जीवन में संस्कार, सेवा और समर्पण की मिसाल पेश की।