‘बहुत ज्यादा मिसइंफॉर्मेशन है’: अदिति राव हैदरी ने फटकार लगाई टॉक्सिक डिजिटल कल्चर और पेड नेगेटिव PR पर

Vin News Network
Vin News Network
3 Min Read
अदिति: "बहुत ज्यादा मिसइंफॉर्मेशन! पेड नेगेटिविटी टॉक्सिक है।

अगर आप सोचते हैं कि एक्टर्स अफवाहों के तूफान से कैसे निपटते हैं, तो अदिति राव हैदरी का जवाब साफ है शोर को इग्नोर करो और सेंटर में रहो। करियर के लगभग 20 साल बाद भी, अदिति का मानना है कि ‘पेड नेगेटिविटी’ और एजेंडा-ड्रिवन स्टोरीज ने एंटरटेनमेंट वर्ल्ड को पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल बना दिया है।

2006 में मलयालम फिल्म प्रजापति से डेब्यू करने वाली अदिति को लगता है कि सेलिब्रिटी स्मीयर कैंपेन कोई नई बात नहीं। लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की स्पीड और स्केल ने माहौल बदल दिया। इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “स्मीयर कैंपेन पुराने हैं, लेकिन मैं इन्हें रोज देखती हूं। कभी-कभी खुद के बारे में बकवास पढ़कर इग्नोर कर देती हूं, क्योंकि पता है कोई एजेंडा है।”

अदिति के मुताबिक, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जिन्हें लोग क्रेडिबल मानते हैं ने फैक्ट और स्पेकुलेशन की लाइन धुंधली कर दी। “फैक्टुअल बताए जाने वाले प्लेटफॉर्म्स पर मिसइंफॉर्मेशन की बाढ़ है। पेड नेगेटिविटी और छिपे एजेंडा मिलकर इसे टॉक्सिक बना देते हैं। कभी-कभी ज्यादा इनफॉर्मेशन बोझ बन जाती। एक्टर्स का मिस्ट्री खत्म हो गया।

क्रिटिसिज्म को कठिन मानते हुए भी अदिति इसे अपनी शांति पर हावी नहीं होने देतीं। मां की सलाह को क्रेडिट देती हैं: “मां कहती थीं, जो बुरा कहे, समस्या उसके अंदर है। ये सोच मुझे सेंटर्ड रखती है।

मल्टीपल इंडस्ट्रीज और फॉर्मेट्स में काम कर चुकी अदिति की हालिया प्रोजेक्ट्स में गांधी टॉक्स और 2024 की स्ट्रीमिंग सीरीज हीरामंडी शामिल हैं, जो क्रिटिकल अटेंशन बटोरीं। लेकिन उनका कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री में स्टेबिलिटी सिर्फ हिट्स या बॉक्स ऑफिस से नहीं आती, खासकर आउटसाइडर्स के लिए। “टैलेंट सक्सेस-फेलियर से परे है। लेकिन आउटसाइडर हो तो सक्सेस ऑपर्चुनिटीज लाती है। हिट के बाद भी सही स्क्रिप्ट का इंतजार। कमर्शियल हिट साल भर सुलझा नहीं देता।”

डिजिटल दुनिया का टॉक्सिक चेहरा
सोशल मीडिया ने स्टार्स को 24/7 स्क्रूटिनी के दायरे में ला दिया। अदिति जैसे एक्टर्स ट्रोल्स, फेक न्यूज और पेड कैंपेन्स से जूझते हैं। वे कहती हैं कि पहले एक्टर्स का ऑरा रहता था, अब सब कुछ पब्लिक। लेकिन अदिति इसे कॉलेज ट्रायल्स की तरह देखती हैं फोकस रखो, नेगेटिव को फिल्टर करो।

इंडस्ट्री में बिना बैकिंग के सक्सेस मिलना और भी मुश्किल। अदिति ने संघर्ष के दिनों को याद किया, जब छोटे रोल्स से शुरुआत की। आज भी वे चुनिंदा प्रोजेक्ट्स ही साइन करती हैं। हीरामंडी जैसी सीरीज ने उनकी एक्टिंग को नई पहचान दी।

अदिति की सलाह न सिर्फ एक्टर्स के लिए, बल्कि हर सोशल मीडिया यूजर के लिए है: मिसइंफॉर्मेशन को पहचानो, एजेंडा देखो और अपनी मेंटल पीस प्रोटेक्ट करो। डिजिटल कल्चर को टॉक्सिक बनाने वालों को इग्नोर करो—ट्रू फैन्स ही साथ रहेंगे।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *