उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट को ‘विकसित भारत’ के निर्माण का कल्याणकारी ब्लूप्रिंट बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में एक नए और विकसित भारत के निर्माण के लिए स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि इसमें समाज के विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और समावेशी विकास का दृष्टिकोण अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में किए गए प्रावधान देश को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगे।
युवाओं और शिक्षा के लिए अहम पहल
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में बालिकाओं के लिए छात्रावासों के निर्माण की घोषणा से शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित होंगे। इसके साथ ही STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) संस्थानों की स्थापना से तकनीकी और वैज्ञानिक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे की व्यवस्था युवाओं की आकांक्षाओं को नई उड़ान देने में सहायक होगी।
नवाचार, रोजगार और विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बजट में किए गए प्रावधान नवाचार, विनिर्माण और रोजगार सृजन को नया प्रोत्साहन देंगे। उन्होंने कहा कि इससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कृषि, ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक विरासत पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में कृषि, ग्रामीण विकास, आधारभूत ढांचा, पर्यटन और संस्कृति को मजबूती देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट देश की ज्ञान परंपराओं को सशक्त करते हुए विकास के साथ विरासत को जोड़ने की दिशा में काम करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट घोषणाएं ‘डेवलपमेंट विद हेरिटेज’ के मंत्र को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
विकसित भारत के लक्ष्य की ओर कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि यह बजट देश को समावेशी, सशक्त और विकसित भारत की ओर ले जाने में निर्णायक साबित होगा और केंद्र सरकार की विकास प्राथमिकताओं को मजबूती प्रदान करेगा।