लखनऊ : राजधानी लखनऊ में शनिवार को सपा मुख्यालय में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने जेपीएनआईसी को एलडीए को सौंपने पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हम जेपीएनआईसी के फाउंडर मेंबर हैं। उद्घाटन के समय जार्ज फर्नांडीज भी थे, नेताजी भी थे। समाजवाद और जेपी के योगदान के लिए इस केंद्र को बनाया गया था। अखिलेश ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि जिन लोगों ने जेपीएनआईसी को बर्बाद कर दिया। वो अब बिहार में वोट कैसे मांगेंगे। जेपी इतना बड़ा नाम है, इसे एलडीए को दे रहे हैं। एलडीए का काम देख लीजिएगा। इनका बनाया बाजार कबूतरखाना लगता है।
अखिलेश यादव ने कहा, आज एक बहुत बहादुर और साहसिक व्यक्ति को सम्मान देने के लिए हम लोग इकट्ठे हुए हैं। इधर उत्तर प्रदेश में जानवर सड़कों पर है, तहसीलों में पहुंच रहे, अस्पतालों में पहुंच रहे जिसकी वजस से बहुत सारे लोगों की क्षति हुई, जान गई है। जबसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है, अतिक्रमण बड़े पैमाने पर है। जब तक सरकार की सोच में पर्यावरण के संरक्षण की सोच नहीं होगी तब तक पर्यावरण नहीं बचेगा। यह सरकार वो है जो बिगाड़ने वाली सरकार है, काम को खराब करने वाली सरकार है। संपूर्ण क्रांति के आंदोलन का यह परिणाम हुआ कि बदलाव आ गया। अगर JPNIC बेचना ही है तो हम समाजवादी लोग लेने के लिए तैयार हैं। साइबर क्राइम और लूट में नंबर 1 है उत्तर प्रदेश।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, उत्तर प्रदेश के लोग समाजवादी पार्टी की कथनी और करनी को अच्छी तरह समझते हैं। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने 2012-17 में जब उनकी सरकार थी, तो उत्तर प्रदेश में अपराध, भ्रष्टाचार और परिवारवाद को धरातल पर उतारकर उसे अंगीकार करने का काम किया था। आज हम कह सकते हैं कि समाजवादी पार्टी ने जो कुकृत्य किए थे, उसकी सजा जनता ने इन्हें 2017 और 2022 में हराकर दे दी है। समाजवादी पार्टी के लोग झंडे लगाकर वनभूमि पर कब्जा करते थे।