भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2019-20 की सीरीज-II के Sovereign Gold Bonds (SGB) के लिए पूर्व परिपक्वता (premature redemption) की घोषणा कर दी है। यह बॉन्ड 16 जुलाई, 2019 को जारी किए गए थे और अब निवेशक 16 जनवरी, 2026 से अपने बॉन्ड का मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।
पूर्व परिपक्वता के तहत, इस SGB का रिडेम्प्शन मूल्य प्रति यूनिट ₹14,092 तय किया गया है, जो कि मूल जारी मूल्य ₹3,443 पर आधारित 309.29% की बढ़त दर्शाता है। इसमें बॉन्ड धारकों को उस अवधि के लिए 2.5% वार्षिक ब्याज (interest) भी मिलेगा। अगर ऑनलाइन भुगतान के समय मिले ₹50 के डिस्काउंट को ध्यान में रखा जाए, तो कुल लाभ लगभग 315.32% तक पहुंच जाता है।
RBI ने 14 जनवरी, 2026 को जारी बयान में कहा, “Sovereign Gold Bond 2019-20 Series-II (जारी 16 जुलाई 2019) के तहत, ऐसे बॉन्ड की पूर्व परिपक्वता बॉन्ड जारी होने की तारीख से पांच वर्ष पूरे होने के बाद किसी भी अगले ब्याज भुगतान की तारीख पर की जा सकती है। इसी नियम के तहत इस ट्रांच की अगली पूर्व परिपक्वता 16 जनवरी 2026 को होगी।”
रिडेम्प्शन मूल्य का निर्धारण
इस बार रिडेम्प्शन मूल्य तय करने के लिए भारतीय बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा प्रकाशित तीन कारोबारी दिनों (12 जनवरी, 13 जनवरी और 14 जनवरी, 2026) के सोने के क्लोजिंग प्राइस का सरल औसत (simple average) लिया गया है।
SGB योजना के तहत बॉन्ड की अवधि आठ वर्ष होती है। निवेशक बॉन्ड को इस अवधि तक रख सकते हैं या पांचवें वर्ष के बाद नियमों के अनुसार पूर्व परिपक्वता के विकल्प का लाभ उठा सकते हैं। पूर्व परिपक्वता की स्थिति में भुगतान अगले ब्याज भुगतान तिथि पर किया जाता है।
SGB पर कराधान (Tax Treatment)
SGB पर मिलने वाला वार्षिक 2.5% ब्याज आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 43 के तहत टैक्स योग्य है। हालांकि, बॉन्ड की परिपक्वता पर होने वाले पूंजीगत लाभ (capital gains) पर व्यक्तिगत निवेशक को छूट (exemption) प्राप्त होती है। लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर इंडेक्सेशन (indexation) का लाभ भी दिया जाता है।
ब्याज की जानकारी
SGB पर वार्षिक 2.5% की निश्चित दर से ब्याज प्रदान किया जाता है। यह ब्याज हर छह माह (semi-annually) निवेशक के बैंक खाते में सीधे जमा किया जाता है।
SGB योजना क्या है?
Sovereign Gold Bond (SGB) योजना भारत सरकार द्वारा नवंबर 2015 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य सोने के भौतिक आभूषणों पर निर्भरता को कम करना और घरेलू बचत को वित्तीय साधनों में निवेशित करना था। ये बॉन्ड RBI द्वारा जारी किए जाते हैं और इनकी राशि ग्राम में निर्धारित होती है।
SGB निवेशकों को दो प्रमुख लाभ प्रदान करता है:
सोने के दाम में वृद्धि के अनुसार पूंजीगत लाभ (capital appreciation)।
हर साल 2.5% की निश्चित ब्याज दर।
इस योजना के माध्यम से निवेशक भौतिक सोने के बजाय डिजिटल या वित्तीय रूप में सोने में निवेश कर सकते हैं।
SGB योजना क्यों बंद की गई?
सरकार ने अक्टूबर 2023 में नए SGB इश्यू बंद करने का निर्णय लिया। इसका कारण था कि योजना अपने उद्देश्य को काफी हद तक पूरा कर चुकी थी और बॉन्ड का प्रबंधन महंगा हो गया था। इसके अलावा, गोल्ड ETF और डिजिटल गोल्ड जैसी अन्य निवेश विकल्पों की उपलब्धता ने SGB की आवश्यकता को कम कर दिया।
हालांकि, पहले से जारी किए गए बॉन्ड अभी भी वैध हैं और निवेशक इन्हें परिपक्व होने तक रख सकते हैं या पूर्व परिपक्वता के विकल्प का लाभ उठा सकते हैं।
2019-20 सीरीज-II के Sovereign Gold Bonds पर इस पूर्व परिपक्वता के निर्णय से निवेशकों को जबरदस्त लाभ हुआ है। यदि किसी निवेशक ने समय पर इस बॉन्ड में निवेश किया और अब इसे पूर्व परिपक्वता के तहत रिडीम करता है, तो उसे लगभग 315% तक का लाभ प्राप्त होगा। साथ ही 2.5% वार्षिक ब्याज भी शामिल है, जिससे यह सोने में निवेश करने का एक आकर्षक और सुरक्षित विकल्प बन गया है।
यह कदम निवेशकों के लिए बड़ी राहत है और SGB की विश्वसनीयता और लाभप्रदता को दोबारा सिद्ध करता है।