लखनऊ : लखनऊ में ढाई साल की बच्ची से दरिंदगी के आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। शुक्रवार तड़के गन्ना संस्थान, देवी खेड़ा के पास पुलिस ने आरोपी दीपक वर्मा को घेर लिया। पुलिस को देखते ही उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लग गई। आलमबाग थाना पुलिस उसे नजदीकी अस्पताल ले गई। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
4 जून की रात आरोपी आलमबाग मेट्रो स्टेशन के नीचे मां-बाप के साथ सो रही बच्ची का मुंह दबाकर उठा ले गया था। रात करीब ढाई बजे मेट्रो स्टेशन पर लगी लिफ्ट के पास ले जाकर मासूम के साथ दरिंदगी की। बच्ची जब बेहोश हो गई तो उसे मरा समझकर वहां छोड़कर भाग गया।
वारदात से जुड़ा सीसीटीवी भी सामने आया है। इसमें आरोपी बच्ची को गोद में उठाकर लाता हुआ नजर आ रहा है। इसके बाद लिफ्ट के बगल में ही बच्ची के साथ दरिंदगी की थी। आरोपी ने मासूम के साथ इस कदर हैवानियत की थी कि उसका प्राइवेट पार्ट डैमेज हो गया। केजीएमयू के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हालत नाजुक है। उसकी सर्जरी करनी होगी।
पुलिस ने आरोपी पर गुरुवार को ही एक लाख का इनाम घोषित कर दिया था। वारदात के 24 घंटे के अंदर ही उसे ढेर कर दिया। आरोपी दीपक वर्मा (24) पुत्र राधेश्याम वर्मा डूडा कॉलोनी, ऐशबाग का रहने वाला था। वह ट्रेनों में अवैध तरीके से पानी बेचने और जागरण में झांकी सजाने का काम करता था।
आलमबाग में जहां बच्ची से रेप की वारदात हुई, वहां एक सीसीटीवी में आरोपी सफेद स्कूटी से जाता हुआ नजर आया। स्कूटी के नंबर से ही पुलिस आरोपी तक पहुंची। घटना का 3.5 सेकेंड का वीडियो सामने आया है। उसमें दिख रहा है कि आरोपी दीपक आलमबाग मेट्रो स्टेशन के नीचे पहुंचता है। पहले अंगड़ाई लेता है, फिर लिफ्टों के पास जाता है। एक लिफ्ट का बटन दबाता है। उसके बाद सड़क पार करके बच्ची को उठाने जाता है।
बच्ची को गोद में उठाकर दौड़ता हुआ आता है। उसे एक लिफ्ट के पास रख देता है। फिर 3 मिनट 15 सेकेंड रेप करता है। उसके बाद दौड़ते हुए भाग जाता है। इस घटनाक्रम के दौरान सड़क पर वाहन गुजरते रहते हैं, लेकिन किसी का इस ओर ध्यान नहीं जाता है। आरोपी दीपक वर्मा ने बच्ची के साथ जहां दरिंदगी की, उससे 5 किमी दूर देवीखेड़ा में वीआईपी रोड पर गन्ना संस्थान के पास वह मारा गया। DCP सेंट्रल आशीष श्रीवास्तव ने बताया- मेट्रो स्टेशन पर लगे सीसीटीवी की जांच की गई तो रात 3 से 3.30 के बीच एक युवक सफेद हांडा एक्टिवा से नजर आया। सो रही बच्ची को अगवा करके लिफ्ट के पास ले जाकर रेप किया।
स्कूटी के नंबर से आरोपी की पहचान हुई। मोबाइल से भी उसकी लोकेशन की पुष्टि हुई। जानकारी मिली कि वह गन्ना संस्थान के पास घूम रहा है। आरोपी शहर छोड़कर भागने की फिराक में था। पुलिस ने पीछा किया तो उसने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। उसे देशबंधु अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से ट्रॉमा सेंटर रेफर किया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बच्ची के साथ दरिंदगी की वारदात शहर के बीचों-बीच आलमबाग में हुई। प्राइम लोकेशन पर ऐसी घटना हो जाए और पुलिस को पता भी न चले, यह सुरक्षा-व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाता है। यही नहीं, जहां बच्ची मां के साथ सो रही थी, वह जगह पिंक बूथ सहित 3 चौकियों से घिरा है। मतलब उसके आसपास 3 पुलिस चौकियां हैं। घटनास्थल से 300 मीटर के दायरे में पिंक बूथ है। बावजूद इसके आरोपी घटना को अंजाम देकर चला गया।
हैवानियत इस कदर की गई थी कि उसका प्राइवेट पार्ट बुरी तरह डैमेज हो गया। हालत गंभीर बनी हुई है। इस वारदात ने सवाल खड़े कर दिए। इसलिए, वारदात के तुरंत बाद लखनऊ पुलिस आरोपी तक पहुंचने में जुट गई। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 5 टीमों का गठन किया था। एनकाउंटर में मारा गया दीपक वर्मा 4 भाई-बहनों में सबसे छोटा था। दो भाई और दो बहन हैं। बड़ा भाई विष्णु वर्मा मजदूरी और फल बेचने का काम करता है। बड़ी बहन गुजरात के सूरत में रहती हैं। छोटी बहन लखनऊ में ही है।
सूरत में रहने वाली बहन ने ही दो साल पहले बड़े भाई विष्णु को स्कूटी दिलवाई थी। बाद में दीपक ने स्कूटी पर कब्जा कर लिया। पुलिस के मुताबिक, दीपक इसी स्कूटी से रात में घूमता था और आपराधिक वारदात को अंजाम देता था। जांच में यह भी पता चला कि दीपक पूर्व में भी इसी तरह की एक घटना में शामिल था, जिसमें वह दो साथियों के साथ जेल गया था।
वारदात की रात दीपक दो से तीन बार आलमबाग मेट्रो स्टेशन के पास आया और गया। जब उसे यकीन हो गया कि बच्ची के माता-पिता गहरी नींद में हैं, तब वह बच्ची को उठाकर ले गया। लिफ्ट के पीछे ले जाकर रेप किया और फिर वाहन सेवा रोड की ओर चला गया।
सीसीटीवी से पहचान के बाद पुलिस ने उसके मोबाइल को ट्रैक किया। मोबाइल लोकेशन से भी पुष्टि हुई। वारदात के बाद भी आरोपी को कोई डर नहीं था। वह स्कूटी से करीब ढाई घंटे तक आलमबाग और आसपास के क्षेत्रों में घूमता रहा। पुलिस जांच में सामने आया कि वह आमतौर पर शाम 6 बजे घर से निकलता और सुबह 5 बजे लौटता था। कई बार वह अपने जीजा के साथ फल के कारोबार में भी मजदूरी करता था। इसके अलावा, दीपक अक्सर अघोरी जैसे वेश में दिखता था। पुलिस को मिली कई तस्वीरों में वह अघोरी वेशभूषा में नजर आया है।
लखनऊ में ढाई साल की बच्ची अपने माता-पिता के साथ आलमबाग मेट्रो स्टेशन के नीचे सो रही थी। बुधवार आधी रात आरोपी ने सोते वक्त उसका मुंह दबाया और मां के बगल से उठा ले गया था। आरोपी ने बच्ची के साथ रेप किया। बच्ची दर्द से बेहोश हो गई तो उसे मरा समझकर झाड़ियों में फेंक दिया।
गुरुवार सुबह उस रास्ते से एक दिव्यांग व्यक्ति गुजर रहा था। 500 मीटर की दूरी से उसे बच्ची के कराहने की आवाज सुनाई दी। पास गया तो बच्ची खून से लथपथ थी। इसके बाद उसने जाकर बच्ची के मां-बाप को इसकी जानकारी दी। बच्ची के प्राइवेट पार्ट में गहरा घाव हुआ है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया- बच्ची का प्राइवेट पार्ट बुरी तरह से डैमेज है। उसकी प्लास्टिक सर्जरी करनी होगी। हालत बेहद नाजुक है।
बच्ची के नाना ने बताया था – हम लोग उन्नाव के रहने वाले हैं। कल (बुधवार को) कूड़ा बीन कर आए थे। फिर खाना-पीने के बाद सो गए। देर रात कोई बच्ची को कोई उठा ले गया। सुबह चार बजे एक बुजुर्ग ने जगाया, तब घटना की जानकारी हुई। बच्ची लहूलुहान थी। उसके कमर के नीचे के हिस्से में घाव हुआ था। वहां से खून बह रहा था।
मैं और दामाद बच्ची को लेकर लोकबंधु अस्पताल के लिए भागे। वहां डॉक्टरों ने रेप होने की जानकारी दी। पहले उन्होंने FIR कराने को बोला। इसके हम लोग आलमबाग थाने गए और रिपोर्ट दर्ज कराई। बच्ची की हालत गंभीर होने पर हम लोग उसे KGMU के ट्रॉमा सेंटर लाए हैं।
राजनारायण लोकबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राजीव दीक्षित ने बताया- सुबह साढ़े 7 बजे करीब पीड़ित परिवार बच्ची को लेकर आया। वह गंभीर हालत में दर्द से कराह रही थी। उसे तुरंत इमरजेंसी के ICU में शिफ्ट में किया गया। गायनी एक्सपर्ट डॉ. शालिनी कटियार, पीडियाट्रिक एक्सपर्ट डॉ. ब्रजेश कुमार, सर्जन डॉ.राजेश श्रीवास्तव सहित कई एक्सपर्ट ने बच्ची को एग्जामिन किया।
शुरुआती जांच में बच्ची के प्राइवेट पार्ट में मल्टीपल इंजरी मिली है, जिसके चलते उसे तत्काल सर्जरी की जरूरत थी। ऐसे में दोपहर 12 बजे करीब उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। KGMU ट्रॉमा सेंटर में पहुंचने के बाद उसे पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में भेजा गया है। वहां डॉ. जेडी रावत की निगरानी में बच्ची का इलाज चल रहा है।
KGMU के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ.जेडी रावत ने बताया कि 2 बजे के करीब बच्चों को KGMU के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया है। बच्ची फिलहाल स्टेबल कंडीशन में है। उसके प्राइवेट पार्ट में गहरे जख्म आए है। पर इंजरी कितनी गहरी है, फिलहाल इस बारे में कुछ कह पाना संभव नहीं है। कल सर्जरी होगी। अभी एक्सपर्ट चिकित्सकों की निगरानी में ICU में इलाज चल रहा है।