HAL चेयरमैन ने कहा: तेजस विमान सुरक्षित है, दुबई दुर्घटना दुर्भाग्यपूर्ण घटना

Vin News Network
Vin News Network
4 Min Read
HAL चेयरमैन डीके सुनील ने दुबई दुर्घटना के बाद तेजस विमान की सुरक्षा पर भरोसा जताया।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डीके सुनील ने हाल ही में तेजस विमान को लेकर उठी चिंताओं पर तटस्थ और स्पष्ट बयान दिया। उन्होंने शुक्रवार को ANI नेशनल सिक्योरिटी समिट में कहा कि तेजस विमान पूरी तरह सुरक्षित है और हाल ही में दुबई एयर शो में हुई दुर्घटना को एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया। डीके सुनील ने कहा, “तेजस विमान में बिल्कुल कोई समस्या नहीं है। यह पूरी तरह सुरक्षित है और इसका सुरक्षा रिकॉर्ड विश्व स्तर पर उत्कृष्ट है। दुबई में जो दुर्घटना हुई वह दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन इसका तेजस के भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”

यह बयान उस समय आया है जब 21 नवंबर 2025 को दुबई एयर शो में तेजस लाइट कॉम्बैट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विंग कमांडर नामंश स्याल की मृत्यु हो गई। यह घटना भारतीय वायुसेना में तेजस विमान के शामिल होने के दस वर्षों के दौरान दूसरी दुर्घटना है। इससे पहले पिछले साल राजस्थान के जैसलमेर जिले में तेजस विमान का एक और दुर्घटना मामला सामने आया था, लेकिन उस दौरान पायलट ने सुरक्षित रूप से इजेक्ट किया था और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई थी।

तेजस भारत का एक घरेलू रूप से विकसित हल्का लड़ाकू विमान है, जिसे भारतीय वायुसेना की जरूरतों और आधुनिक युद्ध तकनीक के अनुसार डिजाइन किया गया है। डीके सुनील ने कहा कि तेजस का निर्माण उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुसार किया जाता है और यह भारतीय वायुसेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण विमान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुबई दुर्घटना एक अलग घटना थी और इससे विमान की सुरक्षा या प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

तेजस विमान को लेकर समय-समय पर सुरक्षा और तकनीकी मुद्दों पर चर्चा होती रही है, लेकिन डीके सुनील ने कहा कि विमान का संचालन और प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने यह बताया कि दुर्घटनाओं की वजहों का पता लगाने के लिए पूरी तरह से जांच की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। उनका यह बयान विमान और वायुसेना की क्षमता को लेकर स्पष्ट विश्वास जताता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी उन्नत विमान में दुर्घटनाओं का होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है और इसे सीधे विमान की सुरक्षा से जोड़कर देखना उचित नहीं है। तेजस विमान ने पिछले दस वर्षों में कई सफल मिशनों और प्रदर्शन कार्यक्रमों में भाग लिया है और उसका प्रदर्शन भारतीय वायुसेना के मानकों के अनुरूप रहा है। दुबई दुर्घटना के बावजूद विमान का तकनीकी रिकॉर्ड मजबूत है और इसे विकसित और संचालित करने की प्रक्रिया उच्च मानकों के अनुसार जारी है।

डीके सुनील के बयान ने यह स्पष्ट किया कि तेजस विमान भारतीय वायुसेना की ताकत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा और भविष्य में भी यह सुरक्षित और भरोसेमंद रह सकता है। उनका कहना था कि दुबई दुर्घटना को एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के रूप में देखा जाना चाहिए और इससे तेजस विमान के ऑपरेशन या विकास पर कोई रोक नहीं लगेगी। उन्होंने यह भी जोर दिया कि विमान की सुरक्षा, तकनीकी सुधार और पायलट प्रशिक्षण हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

HAL चेयरमैन और MD डीके सुनील ने तेजस विमान को सुरक्षित बताया और दुबई दुर्घटना को एक अपवाद के रूप में माना। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि विमान का भविष्य सुरक्षित है और भारतीय वायुसेना के संचालन में इसका योगदान जारी रहेगा। यह बयान विमान, पायलट और एयर शो जैसी घटनाओं में सुरक्षा मानकों पर विश्वास बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *