संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम घोषित होने के साथ ही देशभर में प्रतिभाशाली युवाओं की सफलता की कहानियां सामने आई हैं। इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है। इनमें जम्मू-कश्मीर के 16 युवाओं ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। इन सफल उम्मीदवारों में से 13 कश्मीर घाटी से और 3 जम्मू क्षेत्र से हैं, जो इस क्षेत्र के युवाओं की मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।
इस वर्ष जम्मू-कश्मीर के टॉपर सुवन शर्मा रहे, जिन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 148 हासिल कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। उनकी इस उपलब्धि ने पूरे प्रदेश को गर्व से भर दिया है। सुवन शर्मा अब भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) या भारतीय विदेश सेवा (IFS) जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में अपनी भूमिका निभाने के पात्र बन गए हैं। उनकी सफलता ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को यह संदेश दिया है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद कड़ी मेहनत और समर्पण से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
सुवन शर्मा की इस सफलता पर उनके परिवार, मित्रों और पूरे समुदाय में खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। उनकी उपलब्धि को प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जा रहा है।
इस परीक्षा में पुलवामा जिले के तौसीफ अहमद गनई ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 254 हासिल की। वे पुलवामा के पुचल इलाके से IAS बनने वाले पहले व्यक्ति बने हैं। उनकी सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे इलाके को गौरवान्वित किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तौसीफ की उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को नई प्रेरणा मिलेगी।
अनंतनाग के मुनीब अफजल पर्राह ने भी इस परीक्षा में सफलता हासिल की और ऑल इंडिया रैंक 581 प्राप्त की। वहीं शोपियां से संबंध रखने वाली कश्मीरी पंडित बेटी रितिका रेणु भान ने भी कठिन परीक्षा को पास कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उन्हें ऑल इंडिया रैंक 456 प्राप्त हुई है और वर्तमान में वे जम्मू में निवास कर रही हैं। उनकी सफलता को विशेष रूप से प्रेरणादायक माना जा रहा है।
इसके अलावा डॉ. कोह-ए-सफा ने भी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 763 प्राप्त की। वे एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद परिवार से आती हैं और प्रिंसिपल महमूद चौधरी की बेटी हैं। उनकी उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र दोनों का नाम रोशन हुआ है।
जम्मू-कश्मीर से सफल होने वाले अन्य उम्मीदवारों में सोयाश शिवम (572), गुलाम दीन (683), द्वारका गाधी (721), आकाश (747), यासार (811), अभिषेक (820), पंकज (856), मोहम्मद अजाज (869), अजहर (886), सरफराज (936) और इरफान (957) शामिल हैं। इन सभी ने कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयास के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक को सफलतापूर्वक पार किया है।
गौरतलब है कि UPSC सिविल सेवा परीक्षा को भारत की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। इस परीक्षा में उम्मीदवारों को तीन चरणों प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू से गुजरना पड़ता है। हर वर्ष लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन अंतिम रूप से चुनिंदा उम्मीदवार ही सफलता प्राप्त कर पाते हैं।
जम्मू-कश्मीर के इन 16 युवाओं की सफलता पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों के बावजूद इन युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ निश्चय और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
इस शानदार सफलता पर कई राजनीतिक नेताओं, सामाजिक संगठनों और शिक्षाविदों ने भी इन युवाओं को बधाई दी है। सभी ने इसे जम्मू-कश्मीर के उज्ज्वल भविष्य और युवाओं की बढ़ती संभावनाओं का प्रतीक बताया है।