विन न्यूज़ नेटवर्क। दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में नाबालिग किशोरी के साथ कथित गैंगरेप और हत्या के मामले का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को पकड़ा है, जिनमें तीन नाबालिग बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपियों ने किशोरी के शव को सुनसान इलाके में छिपाने की कोशिश की थी।
सुनसान मैदान में मिला था किशोरी का शव
जानकारी के अनुसार, 13 सितंबर की सुबह स्वरूप नगर इलाके के एक खुले मैदान में किशोरी का शव मिला था। शुरुआती जांच में उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। सूचना मिलने के बाद क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। इसके बाद स्वरूप नगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने इलाके में लगे 50 से अधिक CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। जांच के दौरान वारदात के आसपास एक संदिग्ध टेंपो की गतिविधियां सामने आईं। रात का समय होने के कारण शुरुआत में उसका नंबर स्पष्ट नहीं था। पुलिस ने अलग-अलग कैमरों की फुटेज को जोड़कर टेंपो के आने-जाने का रास्ता ट्रेस किया और उसकी पहचान करने में सफलता हासिल की।
टेंपो ड्राइवर से पूछताछ के बाद सामने आए आरोपी
पुलिस के मुताबिक, 15 और 16 सितंबर की दरमियानी रात संदिग्ध टेंपो को खड्डा कॉलोनी इलाके से बरामद किया गया। टेंपो चालक से पूछताछ के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची। कार्रवाई के दौरान शिवम उर्फ सुदामा उर्फ चुचु समेत तीन नाबालिगों को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, तीनों नाबालिगों की उम्र 16 से 17 वर्ष के बीच है।
जांच के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए दो चाकू और आरोपियों के कथित तौर पर वारदात के समय पहने कपड़े भी बरामद किए हैं। इसके अलावा DL-1LAG-0257 नंबर का टेंपो भी पुलिस के कब्जे में है।
परिचित से मिलने गई थी किशोरी
पुलिस जांच में सामने आया है कि किशोरी घटना वाले दिन अपने 17 वर्षीय परिचित से मिलने गई थी। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया और बाद में उसके परिचित ने अपने अन्य साथियों को बुलाया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद किशोरी को एक सुनसान मैदान में ले जाया गया, जहां उस पर चाकू से हमला किया गया।
जांच में किशोरी के शरीर पर चोट के आठ निशान मिलने की बात सामने आई है। आरोपियों ने शव को पत्तियों और मिट्टी के नीचे छिपाने का प्रयास किया था। फिलहाल पुलिस फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।