विन न्यूज़ नेटवर्क। उत्तराखंड में चुनावी तैयारियों के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के पहले चरण के पूरा होने के बाद मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई। राज्य निर्वाचन विभाग के अनुसार इस सूची में कुल 71,33,785 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन में यह पूरी प्रक्रिया संचालित की गई। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि पुनरीक्षण कार्य एक जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानकर किया जा रहा है।
आठ जून से सात जुलाई तक चला अभियान
निर्वाचन विभाग ने आठ जून से सात जुलाई 2026 के बीच गणना पत्रों के वितरण और उनके डिजिटलीकरण का काम पूरा किया। इसके बाद संकलित आंकड़ों के आधार पर 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची सार्वजनिक की गई। विभाग के अनुसार इस चरण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना था, ताकि आगामी चुनावों में पात्र नागरिकों के नाम सूची में सही रूप से दर्ज रहें।
मतदान केंद्रों की संख्या में वृद्धि
राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई गई है। पहले उत्तराखंड में 11,733 मतदान केंद्र थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 12,543 हो गई है। निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि नए केंद्रों के बनने से दूरदराज क्षेत्रों के मतदाताओं को मतदान में अधिक सुविधा मिलेगी।
दावे और आपत्तियों के लिए एक माह का समय
निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया है। इसके लिए फार्म-6, फार्म-7 और फार्म-8 का उपयोग किया जा सकेगा। नए मतदाता के रूप में नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। वहीं नाम हटाने, संशोधन कराने या अन्य बदलाव के लिए संबंधित प्रपत्रों का इस्तेमाल किया जाएगा।
15 सितंबर को जारी होगी अंतिम सूची
डॉ. जोगदंडे ने बताया कि 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 के बीच नोटिसों की सुनवाई और दावे-आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
करीब 19 लाख मामलों में मिली विसंगतियां
ड्राफ्ट सूची के परीक्षण के दौरान लगभग 19 लाख प्रविष्टियों में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां पाई गई हैं। इन मामलों में संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) मतदाताओं को नोटिस जारी करेंगे। विसंगतियों में नामों की पुनरावृत्ति, पते में अंतर, आयु संबंधी त्रुटियां या अन्य तकनीकी कमियां शामिल हो सकती हैं। सुनवाई के बाद आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगाए जाएंगे कैंप
मतदाताओं की सुविधा के लिए न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर कैंप आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा मैदानी क्षेत्रों में तहसील, नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर भी विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में मतदाता अपने दस्तावेज जमा कर सकेंगे और सूची में सुधार के लिए आवेदन कर पाएंगे।
चुनाव आयोग का फोकस
निर्वाचन विभाग का कहना है कि लक्ष्य एक पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे ड्राफ्ट सूची में अपना नाम और विवरण अवश्य जांचें तथा किसी भी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित समय के भीतर आवेदन करें।