तस्मानिया के जॉर्ज टाउन से न्यू साउथ वेल्स के हिल्सटन के लिए 7 अगस्त 2025 को 72 वर्षीय ग्रेगरी वॉन और 66 वर्षीय किम वॉर्नर एक छोटे हवाई जहाज में रवाना हुए। यह सफर महज कुछ घंटों का होना था, लेकिन यह एक नया रहस्य बन गया। उनका विमान कभी मंजिल तक नहीं पहुंचा, और बास स्ट्रेट (Bass Strait) के खतरनाक समुद्री इलाके ने एक बार फिर अपनी रहस्यमयी चुप्पी से दुनिया को हैरान कर दिया।
बास स्ट्रेट – ऑस्ट्रेलिया का ‘बरमूडा ट्रायंगल’
बास स्ट्रेट, तस्मानिया और ऑस्ट्रेलिया के मुख्य भूभाग के बीच का समुद्री इलाका, लंबे समय से रहस्यमयी हादसों के लिए बदनाम है। तेज हवाएं, अचानक बदलता मौसम और जटिल जलधाराएं इसे दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण समुद्री और हवाई मार्गों में से एक बनाती हैं। लोग इसे अक्सर ‘Bermuda Triangle of Australia’ कहते हैं, क्योंकि यहां कई जहाज और विमान रहस्यमय तरीके से लापता हो चुके हैं।
बरमूडा ट्रायंगल – मिथक और सच्चाई
- बरमूडा ट्रायंगल का इलाका फ्लोरिडा, बरमूडा और ग्रेटर एंटिल्स के बीच आता है।
- पिछले 100 सालों में यहां 50 से ज्यादा जहाज और 20 हवाई जहाज लापता हो चुके हैं।
- कई लोग इन हादसों को समुद्री राक्षसों, एलियंस और गुमशुदा अटलांटिस शहर से जोड़ते रहे हैं।
- 1945 का मशहूर फ्लाइट 19 हादसा, जिसमें अमेरिकी नेवी के पांच बॉम्बर और एक बचाव विमान गायब हो गए थे, इसी इलाक़े में हुआ था।
विज्ञान का नजरिया – रहस्य नहीं, हकीकत
ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक कार्ल क्रुस्जेलनिकी इन कहानियों को अंधविश्वास और कल्पनाओं का नतीजा मानते हैं।
उनके मुताबिक,
- इन इलाकों में जहाजों और विमानों की भारी आवाजाही होती है।
- अचानक मौसम बदलना, तेज हवाएं और समुद्री तूफान हादसों का बड़ा कारण हैं।
- नेविगेशन में होने वाली छोटी-छोटी गलतियां बड़े हादसों का रूप ले सकती हैं।
- 2010 में अमेरिका की नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) ने भी यही कहा था कि बरमूडा ट्रायंगल में हादसों की दर उतनी ही है, जितनी किसी और व्यस्त समुद्री इलाके में।
गल्फ स्ट्रीम और चुंबकीय गड़बड़ी की भूमिका
NOAA और लॉयड्स ऑफ लंदन के मुताबिक,
- गल्फ स्ट्रीम जैसी तेज धाराएं जहाजों और विमानों को पलक झपकते दूर ले जा सकती हैं।
- चुंबकीय गड़बड़ियां कंपास को गलत दिशा दिखा सकती हैं, जिससे नेविगेशन बिगड़ जाता है।
- कैरेबियाई टापुओं का जटिल जाल और ऊंची लहरें खतरा बढ़ाती हैं।
बास स्ट्रेट हादसों का पैटर्न
बास स्ट्रेट में भी कई पुराने केस मौजूद हैं जहां जहाज और विमान रहस्यमय तरीके से लापता हो गए। मौसम की अचानक तब्दीली, समुद्री धाराओं की जटिलता और नेविगेशन त्रुटियां यहां हादसों का आम कारण मानी जाती हैं।
7 अगस्त की घटना – अब तक की जानकारी
- विमान ने सुबह जॉर्ज टाउन से उड़ान भरी थी।
- मौसम शुरू में साफ था, लेकिन दोपहर तक बादल और तेज हवाएं आ गईं।
- रडार पर विमान का आखिरी सिग्नल बास स्ट्रेट के मध्य में दर्ज हुआ।
- खोज और बचाव अभियान जारी है, लेकिन अब तक मलबा या यात्रियों का कोई सुराग नहीं मिला।
क्या यह हादसा ‘रहस्य’ है या ‘विज्ञान’?
विशेषज्ञों का मानना है कि 7 अगस्त का यह हादसा भी मौसम और तकनीकी चुनौतियों का परिणाम हो सकता है।
फिर भी, आम लोगों के लिए बास स्ट्रेट और बरमूडा ट्रायंगल जैसे इलाकों की कहानियां अब भी रहस्यमय और रोमांचक बनी हुई हैं।