प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लिंक्डइन पर प्रकाशित एक विस्तृत लेख के माध्यम से प्राकृतिक खेती के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि लगभग दो सप्ताह पहले वे कोयंबटूर में आयोजित प्राकृतिक खेती सम्मेलन में शामिल हुए थे, जिसका उन पर गहरा प्रभाव पड़ा।
अपने लिंक्डइन लेख की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि कोयंबटूर में हुए समिट ने प्राकृतिक खेती के प्रति उनकी सोच को नई दिशा दी है और इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने इस विषय पर अपने विचार सार्वजनिक किए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पोस्ट में उन्होंने प्राकृतिक खेती की संभावनाओं, इसके लाभों और देशभर में इसके प्रसार के महत्व पर चर्चा की है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती को अपनाने और इसे बढ़ावा देने में योगदान दें।
X पर साझा की गई पोस्ट में उन्होंने लिखा,
“करीब दो सप्ताह पहले मैं कोयंबटूर में प्राकृतिक खेती पर आयोजित एक सम्मेलन में शामिल हुआ था, जिसने मुझ पर गहरी छाप छोड़ी। अपने लिंक्डइन लेख में मैंने इसी विषय पर कुछ विचार लिखे हैं और देशभर के लोगों से प्राकृतिक खेती को व्यापक स्तर पर अपनाने का आग्रह किया है। ”
प्रधानमंत्री के लेख और संदेश को देशभर में कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और किसान समुदाय में सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ समय से सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही है।