बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार दौरे के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की और चुनावी तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। पार्टी संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर तक रणनीति बनाने पर विशेष जोर दिया गया। BJP स्पष्ट रूप से बिहार में अपनी सत्ता बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।
लालू को ऑफर का खुलासा
इस बीच RJD नेता तेजस्वी यादव ने एक इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में लालू प्रसाद यादव को किसी पक्ष की ओर से एक राजनीतिक ऑफर दिया गया था। तेजस्वी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जो लोग लालू यादव को खटारा कहते हैं वही उन्हें अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मीडिया के लगातार दबाव और सवालों से तंग आकर लालू यादव ने अपने अंदाज में जवाब दिया था लेकिन उस बयान की कोई वास्तविकता नहीं है।
नीतीश से गठबंधन नहीं
तेजस्वी ने एक और बड़ी बात साफ की। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में नीतीश कुमार के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा। इस बार सीधा चुनावी मुकाबला होगा। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता भी अब नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में नहीं देखना चाहती।
नीतीश बने राजनीतिक बोझ
तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे अब एक राजनीतिक बैगेज बन चुके हैं। उन्होंने तंज कसा कि 20 साल तक कभी RJD ने उन्हें संभाला और कभी BJP ने लेकिन अब कोई भी उन्हें संभालने की स्थिति में नहीं है। तेजस्वी का दावा है कि बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है और यथास्थिति से ऊब चुकी है।
सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप
तेजस्वी ने बिहार सरकार के कामकाज पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कुछ अधिकारियों के भरोसे चल रही है और राज्य की तिजोरी खाली होती जा रही है। उनके मुताबिक सरकार असली काम छोड़कर केवल दिखावे में लगी हुई है जिसका खामियाजा बिहार की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
युवा जनता का जागरण
नीतीश कुमार के बेटे के राजनीति में प्रवेश की अटकलों पर तेजस्वी ने कहा कि लोकतंत्र में किसी के आने पर रोक नहीं लगाई जा सकती लेकिन असली सवाल यह है कि जनता किसे स्वीकार करेगी और किसे नकारेगी। उन्होंने कहा कि बिहार की 58 से 59 प्रतिशत युवा आबादी अब पूरी तरह जागरूक हो चुकी है और वह अपना भविष्य खुद तय करेगी। यह युवा शक्ति ही आने वाले चुनाव में असली निर्णायक भूमिका निभाएगी।