विन न्यूज़ नेटवर्क। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में जोरदार राजनीतिक टकराव देखने को मिला। समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की।
विरोध के दौरान सपा विधायक सचिन यादव द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर दिखाए जाने पर सदन का माहौल और गर्मा गया। लगातार हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाते हुए सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निष्कासित कर दिया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान बढ़ा विवाद
सत्र शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान जसराना से विधायक सचिन यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर दिखाकर विरोध दर्ज कराया। इस कदम के बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हो गई।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पहले सचिन यादव को नियमों का पालन करने और तस्वीर हटाने की चेतावनी दी। हालांकि, जब उन्होंने निर्देश का पालन नहीं किया तो अध्यक्ष ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सदन से बाहर जाने का आदेश दिया।
मार्शलों की मदद से सदन से बाहर भेजे गए विधायक
अध्यक्ष के निर्देश के बाद भी सचिन यादव अपनी सीट से नहीं हटे। इसके बाद विधानसभा के मार्शलों को बुलाया गया और उन्हें सदन से बाहर ले जाया गया। अध्यक्ष ने घोषणा की कि विधानसभा की मर्यादा बनाए रखने के लिए उन्हें पूरे मानसून सत्र की कार्यवाही से निष्कासित किया जाता है।
इस दौरान समाजवादी पार्टी के अन्य विधायक भी सचिन यादव के समर्थन में आगे आ गए और उन्हें बाहर ले जाने का विरोध करने लगे। इससे सदन में धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई और कुछ देर के लिए कार्यवाही पूरी तरह बाधित हो गई।
सीएम योगी ने विपक्ष के रवैये पर उठाए सवाल
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान नहीं कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा जनता के मुद्दों पर चर्चा का मंच है, लेकिन विपक्ष अनावश्यक व्यवधान पैदा कर सदन का बहुमूल्य समय बर्बाद कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह का रवैया प्रदेश की जनता के हितों के खिलाफ है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करता है।
सदन की कार्यवाही रही प्रभावित
लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना संबोधन भी पूरा नहीं कर सके। हालात बिगड़ने पर विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। इस पूरे घटनाक्रम ने विधानसभा के दूसरे दिन की कार्यवाही को पूरी तरह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बना दिया।
आगे भी गरमा सकती है सियासत
सपा विधायक के निष्कासन के बाद प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज होने की संभावना है। एक ओर विपक्ष इसे अपनी आवाज दबाने की कार्रवाई बता सकता है, जबकि सरकार विधानसभा की गरिमा और नियमों के पालन को अपनी प्राथमिकता बता रही है। ऐसे में मानसून सत्र के आगामी दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने के आसार हैं।