PM Modi ने तिरंगा दिखाकर दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज का किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में बेहतर संपर्क सुविधा के लिए दूरदर्शिता और 46,000 करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की है

Vin News Network
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PM Modi ने तिरंगा दिखाकर दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज का किया उद्घाटन

श्रीनगर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिनाब नदी (कटरा, जम्मू-कश्मीर) पर दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज का उद्घाटन किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा और रेलवे मंत्री अश्विणी वैष्णव भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पहले केबल-स्टेड रेल पुल अंजी पुल का उद्घाटन किया। USBRL परियोजना पर श्री माता वैष्णो देवी कटरा (एसवीडीके)-श्रीनगर वंदे भारत के लोको पायलट रामपाल शर्मा ने कहा ,”ये हमारे लिए और भारतवासियों के लिए गौरव की बात है..इतने सालों के बाद इस सपने को सच हमारे पीएम मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे के सभी अधिकारियों के मेहनत से हुआ है। ये आसान काम नहीं था इस काम में कई चुनौतियां थीं.. आप जब गाड़ी में जाते हैं और जो आनंद की अनुभूति होती है वो भारत के लिए बहुत बड़ी बात है कि हम विकसित दुनिया में आगे हैं। इसमें सभी सुविधाएं हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने USBRL (उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक) परियोजना पर एक प्रदर्शनी के दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से बात की। इस दौरान उन्होंने परियोजना पर काम करने वाले लोगों से भी बातचीत की।

रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना एवं प्रचार) दिलीप कुमार ने कहा, पीएम मोदी ने USBRL परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करने जा रहे हैं साथ ही दो महत्वपूर्ण पूल चेनाब ब्रिज और अंजी ब्रिज का उद्घाटन करने जा रहे हैं। ये परियोजना राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है और पूरे देशवासियों के दिलों में जगह बना चुकी परियोजना है और पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरा हुआ है…चेनाब ब्रिज 359 मीटर ऊंचा है एफिल टावर से 35 मीटर अधिक ऊंचा है कुल 29,880 मीट्रिक टन स्टील का उपयोग करके चेनाब ब्रिज को बनाया है, ये भूंकप के तेज झटकों को भी बर्दाश्त कर सकता है। उसी तरह से ये वायु के दबाव में भी अटल रहेगा और इसे इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि करीब 250 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जो हवाएं चलती हैं इसका भी असर इस पर न पड़े। इसी प्रकार अंजी ब्रिज पर भी किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में बेहतर संपर्क सुविधा के लिए दूरदर्शिता और 46,000 करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की है, जो क्षेत्र में संपर्क सुविधा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा से पहले जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री ने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल, प्रतिष्ठित चिनाब पुल पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

मोदी ने कहा कि चिनाब रेल पुल से जम्मू और श्रीनगर के बीच संपर्क बेहतर होगा। उन्होंने यह भी बताया कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल सम्पर्क (यूएसबीआरएल) परियोजना से सभी मौसम में संपर्क सुनिश्चित होगा और श्री माता वैष्णो देवी कटरा और श्रीनगर के बीच वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत से आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार पैदा होगा।

जम्मू-कश्मीर के सीएम के एक्स थ्रेड पोस्ट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, कल, 6 जून वास्तव में जम्मू-कश्मीर के मेरे बहनों और भाइयों के लिए एक विशेष दिन है। 46,000 करोड़ रुपये की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया जा रहा है, जिसका लोगों के जीवन पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

वास्तुकला की असाधारण उपलब्धि होने के अलावा, चिनाब रेल पुल जम्मू और श्रीनगर के बीच संपर्क को बेहतर बनाएगा। अंजी पुल चुनौतीपूर्ण भूभाग में भारत का पहला केबल-स्टेड रेल पुल है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल सम्पर्क (यूएसबीआरएल) परियोजना सभी मौसम में संपर्क सुनिश्चित करेगी और श्री माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेनें आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देंगी और आजीविका के अवसर पैदा करेंगी।

RJD सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, यह बेहद गर्व का क्षण है, सबके लिए। वह जो एक दूरी का एहसास था, वो खत्म होगा। ना केवल भौतिक दूरी खत्म होगी बल्कि गाहे-बगाहे जो दिलों में भी दूरियां रही हैं, वो भी खत्म होंगी।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, हकीकत यह है कि शासन में हमेशा निरंतरता होती है… खासतौर पर जहां पर संरचनात्मक परियोजनाओं का सवाल है, जिसमें भू-वैज्ञानिक, भौगोलिक, सुरक्षा और राजनीतिक तौर पर बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है वहां पर शासन में निरंतरता का विशेष महत्व है। यह जो उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला परियोजना है, मार्च 1995 में नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री रहते इसे मंजूरी दी गई थी। मार्च 2002 में जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे तब इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया गया था… बारामूला से लेकर श्रीनगर, श्रीनगर से लेकर अनंतनाग, अनंतनागसे काजीगुंड और काजीगुंड से लेकर बनिहाल तक इस योजना का उद्घाटन 2014 से पहले ही कर लिया गया था… 272 किलोमीटर में से 160 किलोमीटर ट्रैक का उद्घाटन 2014 से पहले हो गया था… चिनाब पुल एक प्रतिष्ठित पुल है। हम भारतीय रेल को बधाई देना चाहते हैं… हम बधाई देते हैं, जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए यह बहुत महत्व रखता है और भारतीय रेल के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है… लेकिन कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री को याद दिलाना चाहती है कि उन्हें शासन में निरंतरता को स्वीकारना चाहिए… पहले की सरकार द्वारा जो काम किए गए हैं, प्रधानमंत्री उनका श्रेय लेने में बहुत आगे हैं। इसमें उनका कोई मुकाबला नहीं है।

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