लखनऊ : यूपी सरकार प्लेज पार्क स्कीम के तहत निवेशकों को राहत देने के लिए बाहरी संपर्क मार्ग की न्यूनतम 12 मीटर की चौड़ाई संबंधी अनिवार्यता में अब ढील देगी। अब न्यूनतम चौड़ाई 12 मीटर से घटाकर सात मीटर तक करने की रियायत दी जाएगी। प्लेज योजना में निवेशकों को और रियायतें देने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग ने योजना में कुछ बदलावों को लेकर नया खाका तैयार किया है। अधिकतम 10 प्रतिशत व्यावसायिक व वाणिज्यकीय
गतिविधियां होंगी अनुमन्यः प्रस्तावित संशोधन के मुताबिक, प्लेज पार्क के तहत अधिकतम 10 प्रतिशत व्यवसायिक व वाणिज्यकीय गतिविधियों को अनुमन्य करने का प्रावधान शामिल किया जाएगा।
प्लेज पार्क नीति में नवीनतम संभावित संशोधन में भू-उपयोग परिवर्तन तथा विकास शुल्क में छूट के प्रावधान को भी शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ले-आउट व भवन मानचित्र की मंजूरी के लिए निदेशक व आयुक्त (उद्योग) को अधिकृत किया जा सकता है। वहीं, प्लेज पार्क के लिएस्टाम्प ड्यूटी में एकरूपता लाने पर विशेष तौर पर फोकस किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, भूमि क्रय में स्टाम्प ड्यूटी में छूट के लिए वर्तमान में केवल जिलाधिकारी अधिकृत हैं तथा नए संशोधन में उपायुक्त उद्योग को भी अधिकृत किया जा सकता है।
क्या है प्लेज योजना?
इस सरकारी स्कीम के तहत निजी औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए निजी निवेशक 10 से 50 एकड़ जमीन का उपयोग करके एक औद्योगिक पार्क बना सकते हैं, और सरकार द्वारा उन्हें ऋण और अन्य सहायता प्रदान की जाती है। इसमें भूमि क्रय पर स्टाम्प शुल्क में छूट, किफायती ब्याज दरों पर ऋण व सब्सिडी के प्रावधान हैं। प्लेज पार्क योजना पूरा नाम ‘प्रमोटिंग लीडरशिप एंड एंटरप्राइज फॉर डेवलपमेंट ऑफ ग्रोथ इंजन’ है।