विन न्यूज़ नेटवर्क। राजधानी दिल्ली में CJP और छात्रों के जारी प्रदर्शन के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने यात्रियों को आंशिक राहत देते हुए दो प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर सेवाएं दोबारा शुरू कर दी हैं। करीब 33 घंटे तक बंद रहने के बाद मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय (सेंट्रल सेक्रेटेरियट) मेट्रो स्टेशन फिर से यात्रियों के लिए खोल दिए गए हैं। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए राजधानी के 16 अन्य महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशन अभी भी बंद हैं।
DMRC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि हालात की समीक्षा के बाद दो स्टेशनों पर परिचालन बहाल किया गया है। हालांकि बाकी स्टेशनों को लेकर फिलहाल कोई नई समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
दो स्टेशनों पर मिली राहत, लेकिन कई रूट अब भी प्रभावित
दिल्ली मेट्रो के दो व्यस्त स्टेशनों पर सेवाएं शुरू होने से हजारों यात्रियों को राहत मिली है। मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय स्टेशन कई महत्वपूर्ण लाइनों को जोड़ते हैं, इसलिए इनके खुलने से कुछ मार्गों पर आवागमन सामान्य होने लगा है।
इसके बावजूद शहर के कई अहम इलाकों तक पहुंचने में यात्रियों को अभी भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में स्टेशन सुरक्षा कारणों से बंद रखे गए हैं।
इन 16 मेट्रो स्टेशनों पर अब भी सेवाएं बंद
DMRC के अनुसार फिलहाल जिन मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही बंद है, उनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली स्टेशन शामिल हैं।
इन स्टेशनों के बंद रहने से कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र और रोजाना मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन बंद होने से बढ़ी परेशानी
नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण इंटरचेंज स्टेशनों में गिना जाता है। यह येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन को जोड़ता है। इस स्टेशन के बंद रहने से एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ रोजाना हजारों लोगों की यात्रा प्रभावित हुई है।
DMRC ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के लिए इंटरचेंज सुविधा भी अगले आदेश तक उपलब्ध नहीं रहेगी। ऐसे में यात्रियों को लंबा रूट अपनाना पड़ रहा है, जिससे यात्रा का समय भी बढ़ गया है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाए सवाल
मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने के फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई यात्रियों ने सवाल उठाया कि प्रदर्शन के कारण आम लोगों को क्यों परेशान किया जा रहा है।
कुछ लोगों का कहना है कि स्टेशन बंद करने से प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन रोजमर्रा के कामकाज, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और दफ्तर जाने वाले लोगों को जरूर दिक्कत होगी।
कई यात्रियों ने यह आशंका भी जताई कि मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने से कैब और टैक्सी सेवाओं की मांग बढ़ेगी, जिससे किराए में भी इजाफा हो सकता है।
DMRC ने सुरक्षा कारणों का दिया हवाला
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने स्पष्ट किया है कि सभी फैसले सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों के आधार पर लिए जा रहे हैं। DMRC का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हालात सामान्य होने तक आवश्यक प्रतिबंध लागू रहेंगे।
कॉर्पोरेशन ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे स्थिति सामान्य होगी, वैसे-वैसे बंद स्टेशनों पर सेवाएं बहाल करने का निर्णय लिया जाएगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा शुरू करने से पहले आधिकारिक अपडेट जरूर देख लें, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
यात्रियों को अभी भी इंतजार
हालांकि दो स्टेशनों के खुलने से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन राजधानी के कई प्रमुख मार्ग अभी भी प्रभावित हैं। ऐसे में हजारों यात्रियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि बाकी 16 स्टेशनों पर सेवाएं कब बहाल होंगी। जब तक सुरक्षा एजेंसियों से नई अनुमति नहीं मिलती, तब तक यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन का सहारा लेना पड़ सकता है।