कराची: पाकिस्तान के कराची में पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) के एक कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद एक बार फिर भारत पर आरोप लगाने का सिलसिला शुरू हो गया है। पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग डीजी आईएसपीआर ने दावा किया कि इस हमले के पीछे भारत का हाथ है और इसे भारत समर्थित संगठन ‘जमात-उल-अहरार’ ने अंजाम दिया। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से इस दावे के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया गया है।
पाकिस्तानी सेना के अनुसार, 27 जून 2026 को कराची स्थित रेंजर्स कैंप के मुख्य गेट पर पहले विस्फोट किया गया, जिसके बाद आतंकियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की। सेना का कहना है कि सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन हमलावरों को मार गिराया, जबकि एक घायल हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया। पाकिस्तान का दावा है कि गिरफ्तार व्यक्ति अफगान नागरिक है।
इस हमले में पाकिस्तान सेना के तीन जवानों की मौत हुई, जबकि चार अन्य सैनिक घायल हुए। सेना ने कहा कि देश में आतंकवाद के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा तथा भारत समर्थित बताए गए संगठनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही ‘अज़्म-ए-इस्तेहकाम’ अभियान के तहत आतंकवाद के नेटवर्क को खत्म करने की बात भी दोहराई गई।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने शहीद सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना की। सेना ने कहा कि हमले के जिम्मेदार लोगों को जल्द कानून के दायरे में लाया जाएगा।
इस बीच पाकिस्तान के आरोपों पर भारत में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर आत्ममंथन करने की सलाह दी। उन्होंने अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के वर्ष 2011 के उस चर्चित बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “आप अपने आंगन में सांप पालकर यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वे केवल पड़ोसियों को ही काटेंगे, आखिरकार वे आपको भी डसेंगे।”
मनीष तिवारी ने कहा कि पाकिस्तान को दुनिया में आतंकवाद फैलाने के बजाय अपनी आंतरिक नीतियों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की तथाकथित ‘डीप स्टेट’ ही उसकी सबसे बड़ी समस्या है। गौरतलब है कि भारत पहले भी पाकिस्तान के ऐसे आरोपों को खारिज करता रहा है और आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देता आया है। कराची हमले के बाद दोनों देशों के बीच एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है।