कर्नाटक के चित्तरदुर्ग जिले के हिरियुर के पास एक बस हादसा रातभर के सफर को भयावह क्षणों में बदल दिया। गुरुवार तड़के, बेंगलुरु से गोकार्ना जा रही एक निजी स्लीपर बस और कंटेनर ट्रक की सीधी भिड़ंत के बाद बस आग की लपटों में engulf हो गई। इस हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई, जिनमें बस के यात्री और ट्रक चालक शामिल हैं।
हादसे का विवरण
बताया जा रहा है कि हादसा उस समय हुआ जब कंटेनर ट्रक, जो विपरीत दिशा में चल रहा था, नियंत्रण खो बैठा और डिवाइडर पार कर बस के सामने जा टकराया। टक्कर बस के डीज़ल टैंक के पास हुई, जिससे डीज़ल फैल गया और तुरंत आग पकड़ ली।
स्लीपर बस में 32 यात्री सवार थे। हादसे के समय अधिकांश यात्री सो रहे थे, जिससे कई लोग आग में फंस गए। बस ड्राइवर, कंडक्टर और क्लीनर इस हादसे से बाल-बाल बचे। पास की दूसरी बस, जो हादसे वाली बस के समीप थी, भी टकराव से बच गई।
रेस्क्यू और मृतकों की संख्या
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। अब तक पांच शव बरामद किए गए हैं, जबकि बाकी शवों की पहचान और निकासी के प्रयास जारी हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में नौ लोगों की मौत हुई है, जिसमें एक बच्चे की जलकर मौत की आशंका है। DNA जांच के जरिए शवों की पहचान कर परिवारों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने जताया दुख
इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की।
कर्नाटक सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मृतकों के परिवारों के लिए पांच लाख रुपये और घायल व्यक्तियों के लिए 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हादसे की विस्तृत जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
पुलिस और अधिकारी बयान
चित्तरदुर्ग के पुलिस महानिरीक्षक रविकांत गोवड़ा ने बताया कि हादसा लगभग सुबह 2 बजे हुआ। बस, जो बेंगलुरु से गोकार्ना जा रही थी, कंटेनर ट्रक की सीधी टक्कर की चपेट में आ गई। टक्कर बस के डीज़ल टैंक के पास हुई, जिससे आग फैल गई। कंटेनर ट्रक चालक भी मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर मृत हो गया।
गोवड़ा ने बताया कि “हम प्रारंभिक जांच में 9 मृतकों की पुष्टि कर चुके हैं। कुछ जानकारी मिली है कि आग में एक बच्चे का शव भी है। डीएनए टेस्ट के जरिए शवों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों को बेंगलुरु से बुलाया गया है ताकि प्रक्रिया जल्दी पूरी की जा सके और शव परिवारों को सौंपे जा सकें।”
हादसे के कारण और भविष्य की चेतावनी
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हादसा कंटेनर ट्रक के नियंत्रण खोने के कारण हुआ। अधिकारियों ने कहा कि विस्तृत जांच के बाद हादसे की पूरी वजह सामने आएगी और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस दर्दनाक हादसे ने न केवल मृतकों के परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि पूरे इलाके में यात्रियों और परिवहन कर्मचारियों के लिए चेतावनी भी जारी कर दी है।
कर्नाटक में चित्तरदुर्ग के पास यह बस हादसा एक याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा पर निरंतर ध्यान देना कितना आवश्यक है। रात के समय लंबी यात्राओं में सतर्कता, वाहन की तकनीकी जांच और ट्रक व बस चालकों की सावधानी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और कर्नाटक सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और विस्तृत जांच के ऐलान से हादसे के पीड़ितों के परिवारों को राहत देने की कोशिश की जा रही है। लेकिन यह हादसा फिर से याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन और सावधानी हर समय जरूरी है।