स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की लखनऊ सभा: 26 शर्तों के साथ मिली अनुमति, गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मुहिम

Vin News Network
Vin News Network
4 Min Read
गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की लखनऊ सभा को प्रशासन ने 26 शर्तों के साथ दी अनुमति।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इन दिनों एक महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा पर हैं। गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का संवैधानिक दर्जा दिलाने और गोहत्या के विरुद्ध कठोर कानून बनाने की मांग को लेकर उन्होंने वाराणसी से यह यात्रा शुरू की है। इस यात्रा का अगला और प्रमुख पड़ाव उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ है जहाँ 11 मार्च को आशियाना इलाके के कांशीराम स्मृति उपवन में एक बड़ी जनसभा आयोजित होनी है। इस सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और समर्थकों के जुटने की उम्मीद है।

अनुमति मिली, लेकिन शर्तों के साथ
लखनऊ प्रशासन ने इस कार्यक्रम को अनुमति तो दे दी है, लेकिन LDA स्मारक समिति और पुलिस ने इसके लिए 26 कड़ी शर्तें निर्धारित की हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर अनुमति तत्काल रद्द कर दी जाएगी और आयोजकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

क्या हैं प्रमुख शर्तें?
प्रशासन की शर्तों में सबसे अहम यह है कि धर्म, जाति, संप्रदाय या भाषा के आधार पर किसी भी प्रकार का भड़काऊ भाषण नहीं दिया जाएगा। किसी भी राजनीतिक या धार्मिक व्यक्ति के विरुद्ध अमर्यादित या द्वेषपूर्ण भाषा का इस्तेमाल पूरी तरह वर्जित होगा। सांप्रदायिक या जातीय टिप्पणी और उत्तेजक बयानबाजी पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नाबालिग बच्चों से विवादित नारे नहीं लगवाए जाएंगे। आतिशबाजी, हथियार और हर्ष फायरिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। पारंपरिक ध्वजदंड के अलावा किसी भी घातक वस्तु का प्रयोग नहीं होगा।

जुलूस या शोभायात्रा की कोई अनुमति नहीं दी गई है। ध्वनि प्रदूषण के संदर्भ में शर्त रखी गई है कि ध्वनि स्तर अधिकतम 75 डेसीबल से अधिक नहीं होगा और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार का ध्वनि प्रसारण बंद रहेगा। शांत क्षेत्रों में ढोल, संगीत और लाउडस्पीकर पर भी प्रतिबंध रहेगा।

आयोजकों पर डाली गई जिम्मेदारी
प्रशासन ने आयोजकों पर भी कई जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए पुलिस बल का पूरा खर्च आयोजकों को वहन करना होगा। स्थान किराया और अन्य शुल्क भी आयोजक स्वयं देंगे। पर्याप्त संख्या में निजी सुरक्षाकर्मी तैनात करने की जिम्मेदारी भी आयोजकों की होगी। कार्यक्रम के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी पूरी तरह आयोजकों पर होगी।

यातायात व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर वाहन पार्किंग नहीं होगी और सीमित संख्या में ही वाहनों का प्रवेश अनुमत होगा ताकि यातायात बाधित न हो। पंडाल की ऊंचाई कम से कम 3 मीटर रखना अनिवार्य किया गया है।

प्रशासन की सतर्कता
इन 26 शर्तों से स्पष्ट है कि लखनऊ प्रशासन इस बड़े धार्मिक आयोजन को लेकर पूरी तरह सतर्क है। शांति और सद्भाव बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यह सभा धार्मिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है और प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि यह आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *