पुणे के लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत का मामला हर दिन नए खुलासों के साथ और भी पेचीदा होता जा रहा है। शुरुआती जांच में इसे हादसा बताया गया था, लेकिन बाद में पुलिस जांच में सामने आया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी। मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को आरोपी बनाया गया है। दोनों कथित तौर पर हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने की बात स्वीकार कर चुके हैं। अब जांच की दिशा आरोपी चेतन के करीबी दोस्त नीरज की ओर मुड़ गई है, जिससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
कैफे में रची गई थी हत्या की साजिश
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने एक कैफे में बैठकर केतन की हत्या की योजना बनाई थी। उस बैठक में नीरज भी मौजूद था। यही वजह है कि पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नीरज इस साजिश का हिस्सा था या फिर उसे पूरी योजना की जानकारी नहीं थी। नीरज पिछले तीन वर्षों से चेतन की दुकान में काम कर रहा है और दोनों के बीच करीबी संबंध बताए जा रहे हैं।
नीरज का मोबाइल लेकर लोहागढ़ पहुंचा था चेतन
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या वाले दिन 18 जून को चेतन अपना मोबाइल फोन घर पर छोड़कर गया था, ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। इसके बजाय उसने अपने दोस्त नीरज का मोबाइल फोन इस्तेमाल किया। जांच एजेंसियों को शक है कि इसी फोन के जरिए चेतन ने कई बार सिया गोयल से संपर्क किया था। बताया जा रहा है कि चेतन नीरज का फोन अपने साथ लोहागढ़ किले तक लेकर गया था, जिससे अब इस फोन की कॉल डिटेल्स और लोकेशन रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आ गए हैं।
पुलिस के लिए अहम कड़ी बन सकता है नीरज
ताजा जानकारी के अनुसार, पुलिस ने देर रात तक सिया और चेतन से पूछताछ की और कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की। दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की गई ताकि घटनाक्रम के अलग-अलग पहलुओं की पुष्टि की जा सके। इसी बीच नीरज की भूमिका को लेकर भी जांच तेज कर दी गई है। पुलिस मान रही है कि वह इस पूरे मामले का अहम गवाह साबित हो सकता है और उसके बयान से कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
क्या नीरज को थी पूरी साजिश की जानकारी?
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नीरज को हत्या की पूरी योजना की जानकारी थी या फिर उसका फोन और अन्य संसाधन उसकी जानकारी के बिना इस्तेमाल किए गए। पुलिस इस पहलू पर विशेष ध्यान दे रही है। यदि नीरज को साजिश की जानकारी होने के सबूत मिलते हैं तो उसकी भूमिका भी जांच के केंद्र में आ सकती है।
पहले भी कई बार की गई थी हत्या की कोशिश
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि केतन की हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी। सिया गोयल को पता था कि केतन को ट्रेकिंग का शौक है, इसलिए लोहागढ़ किले को वारदात के लिए चुना गया। जांच में यह दावा भी सामने आया है कि केतन को रास्ते से हटाने की कोशिश एक बार नहीं बल्कि कई बार की गई थी। अब पुलिस इस पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़कर सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। आने वाले दिनों में नीरज के बयान और डिजिटल सबूत इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।