विन न्यूज़ नेटवर्क। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के छात्र बहुल इलाके सत्य निकेतन में रविवार को एक बहुमंजिला इमारत अचानक गिरने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई और कई लोग उसके नीचे दब गए। हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि राहत और बचाव टीमों ने 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे को लेकर दिल्ली नगर निगम ने भी सख्त रुख अपनाया है।
दोपहर में मिली इमारत गिरने की सूचना
दिल्ली फायर सर्विस को रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां, दिल्ली पुलिस और अन्य राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं। घटनास्थल पर मलबे का बड़ा ढेर लगा हुआ था और उसके नीचे लोगों के दबे होने की आशंका थी।
रेस्क्यू टीमों ने भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया। बचाव अभियान के दौरान कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, कुछ लोगों को बचाया नहीं जा सका और हादसा जानलेवा साबित हुआ।
10 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
हादसे के बाद राहत-बचाव अभियान कई घंटे तक जारी रहा। बचाव दल ने मलबे में फंसे 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया और जरूरत के अनुसार अस्पताल भेजा गया। अधिकारियों की निगरानी में मलबे को हटाने का काम भी जारी रहा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और व्यक्ति उसके नीचे फंसा न रह गया हो।
हादसे के बाद आसपास रहने वाले लोगों और स्थानीय निवासियों में भी दहशत फैल गई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जमा हो गए।
इमारत मालिक पर FIR दर्ज
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इमारत के कथित मालिक हरिराम और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने आपराधिक लापरवाही के आरोपों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इमारत का निर्माण नियमों के मुताबिक हुआ था या नहीं और क्या निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इमारत की संरचना कमजोर होने की कोई जानकारी पहले से संबंधित विभाग को थी या नहीं।
MCD ने लिया सख्त एक्शन
हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। MCD ने 4 मंजिल से अधिक ऊंची अवैध इमारतों को तत्काल प्रभाव से सील करने का आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई के तहत ऐसे भवनों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
MCD के इस आदेश को सत्य निकेतन हादसे के बाद उठाए गए बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है। इलाके में अवैध निर्माण और भवनों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
दोषी अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई
दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने हादसे को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर जांच में किसी MCD अधिकारी की लापरवाही सामने आती है या अवैध निर्माण को संरक्षण देने की बात साबित होती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मेयर के मुताबिक, दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों को बर्खास्त तक किया जा सकता है। इससे साफ है कि प्रशासन इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है।
अवैध निर्माण पर उठे सवाल
सत्य निकेतन दिल्ली का प्रमुख छात्र इलाका है, जहां बड़ी संख्या में छात्र किराये के मकानों और पीजी में रहते हैं। ऐसे में किसी इमारत के गिरने की घटना ने भवनों की सुरक्षा और अवैध निर्माण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन हादसे की वजहों की जांच में जुटे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इमारत गिरने के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई। प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अवैध और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के संकेत दिए हैं।