पाकिस्तान में महंगाई का महा-विस्फोट LPG की कीमतों में 34% का भारी उछाल, एक सिलेंडर के लिए अब चुकाने होंगे 3,500 रुपये से ज्यादा

Vin News Network
Vin News Network
3 Min Read
महंगाई ने तोड़ी कमर! पाकिस्तान में अब 3,588 रुपये का हुआ घरेलू गैस सिलेंडर. युद्ध और आर्थिक तंगी के बीच जनता की मुश्किलें बढ़ीं.

इस्लामाबाद: आर्थिक बदहाली और ऊर्जा संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की जनता पर एक और ‘महंगाई बम’ फूटा है. पड़ोसी देश की सरकार ने वैश्विक बाजार में ईंधन की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए तरल पेट्रोलियम गैस (LPG) के बिक्री मूल्य में 34 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि करने का फैसला किया है. पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की शुरुआत के बाद से यह तीसरी बार है जब पाकिस्तान में गैस की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की गई है.

ओगरा (OGRA) का नोटिफिकेशन: जनता की जेब पर सीधा हमला
पाकिस्तान के तेल और गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, एलपीजी की कीमतों में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है. इस फैसले के बाद 11.8 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 923.71 रुपये का इजाफा हुआ है. अब पाकिस्तान में एक घरेलू सिलेंडर की नई कीमत 3,588.59 रुपये तक पहुँच गई है.

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान पहले से ही विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और आसमान छूती महंगाई से त्रस्त है. ईंधन के दामों में आए इस उछाल ने आम नागरिकों, विशेषकर निम्न और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए रसोई चलाना दूभर कर दिया है.

युद्ध और वैश्विक बाजार का असर
पाकिस्तानी सरकार का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में आई तेजी के कारण घरेलू स्तर पर दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी है. मध्य पूर्व (Middle East) में जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है. चूँकि पाकिस्तान अपनी गैस जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में होने वाली हर छोटी हलचल का सीधा असर वहाँ की स्थानीय कीमतों पर पड़ता है.

आर्थिक अस्थिरता और बढ़ता जनाक्रोश
विशेषज्ञों का मानना है कि एलपीजी की कीमतों में इस ताज़ा वृद्धि का असर केवल रसोई तक सीमित नहीं रहेगा. इससे परिवहन लागत और खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी उछाल आने की आशंका है. पाकिस्तान में पहले से ही बिजली और पेट्रोल की कमी के कारण उद्योग जगत संकट में है, और अब गैस की इन कीमतों ने रही-सही कसर पूरी कर दी है. सोशल मीडिया पर आम जनता सरकार के इस फैसले के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर कर रही है, क्योंकि बुनियादी जरूरतों को पूरा करना अब उनके बजट से बाहर होता जा रहा है.

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *