तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी अंदरूनी विवाद के बीच पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर प्रतिद्वंद्वी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी को जवाब दाखिल करने के लिए और समय न देने की मांग की है। ममता का कहना है कि आयोग द्वारा तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी दूसरी ओर से कोई जवाब नहीं आया है, इसलिए अब मामले में जल्द फैसला लिया जाना चाहिए।
दरअसल, 2 जुलाई 2026 को ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने खुद को असली ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) बताते हुए चुनाव आयोग का रुख किया था। इस गुट का दावा था कि 22 जून को हुए विशेष अधिवेशन में संगठनात्मक बदलाव किए गए हैं और आयोग से इन्हें मान्यता देने की मांग की गई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से अपने-अपने दावों पर जवाब मांगा था।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने 6 जुलाई 2026 को अपना जवाब आयोग को सौंप दिया था। वहीं, ऋतब्रत बनर्जी के गुट को 10 जुलाई 2026 की शाम 5:30 बजे तक अपना पक्ष रखने का समय दिया गया था। आयोग ने दोनों पक्षों को यह भी निर्देश दिया था कि वे अपने-अपने जवाब की प्रति एक-दूसरे को भी उपलब्ध कराएं।
रविवार, 12 जुलाई को चुनाव आयोग को भेजे गए अपने पत्र में ममता बनर्जी ने कहा कि तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी ऋतब्रत बनर्जी की ओर से कोई जवाब नहीं भेजा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 जुलाई के बाद करीब 48 घंटे बीत जाने के बावजूद आयोग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे प्रतिद्वंद्वी गुट को अनावश्यक अवसर मिल रहा है।
ममता बनर्जी ने अपने पत्र में चुनाव आयोग से आग्रह किया कि उनके द्वारा दाखिल किए गए जवाब पर शीघ्र विचार किया जाए और ऋतब्रत बनर्जी को किसी भी प्रकार की अतिरिक्त समय-सीमा न दी जाए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा संगठनात्मक विवाद और राजनीतिक खींचतान एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।