डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ-साथ नकली नोटों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। कई बार आम लोग असली और नकली नोट के बीच अंतर नहीं कर पाते, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 500 रुपये के नोट की पहचान से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। केंद्रीय बैंक ने बताया है कि नोट पर मौजूद एक खास सुरक्षा फीचर की मदद से असली और नकली नोट की आसानी से पहचान की जा सकती है।
RBI समय-समय पर लोगों को बैंकिंग और करेंसी से जुड़े विषयों पर जागरूक करता रहता है। हाल ही में बैंक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा कर 500 रुपये के नोट में मौजूद माइक्रोलेटरिंग सुरक्षा फीचर के बारे में जानकारी दी। यह फीचर बेहद छोटे अक्षरों में छपा होता है और नकली नोटों की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

केंद्रीय बैंक के अनुसार, 500 रुपये के असली नोट में महात्मा गांधी की तस्वीर के पास कई स्थानों पर माइक्रोलेटरिंग दिखाई देती है। इसमें ‘भारत’ और ‘INDIA’ शब्द महात्मा गांधी के शॉल के फोल्ड पर बेहद छोटे अक्षरों में छपे होते हैं। इसके अलावा गांधी जी के चश्मे की फ्रेम पर ‘RBI’ लिखा होता है, जबकि नोट के बाईं ओर ‘RBI’, ‘500’ और ‘INDIA’ माइक्रोलेटरिंग के रूप में दिखाई देते हैं। इन सूक्ष्म अक्षरों को सामान्य आंखों से देखना कठिन हो सकता है, लेकिन मैग्निफाइंग ग्लास या कैमरे के ज़ूम की मदद से इन्हें आसानी से देखा जा सकता है।
RBI ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी नोट की प्रामाणिकता को लेकर संदेह हो, तो बिना जांच किए उसे स्वीकार न करें। नोट के सुरक्षा फीचर्स की जांच करके ही उसे इस्तेमाल करें। इससे नकली नोटों के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है।
रिजर्व बैंक ने यह भी कहा है कि करेंसी नोटों की सुरक्षा विशेषताओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। यदि किसी व्यक्ति को किसी नोट की पहचान करने में कठिनाई हो रही है, तो वह RBI की वेबसाइट पर जाकर सभी सुरक्षा फीचर्स की जानकारी प्राप्त कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नकली नोटों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। इसलिए 500 रुपये का नोट लेते समय उसके माइक्रोलेटरिंग सहित अन्य सुरक्षा फीचर्स को अवश्य जांचें, ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।