दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर शनिवार (28 मार्च 2026) की सुबह एक बड़ा विमान हादसा होते-होते रह गया। विशाखापट्टनम (VTZ) से दिल्ली (DEL) आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 579 का हवा में ही एक इंजन फेल हो गया, जिसके बाद विमान की ‘फुल इमरजेंसी’ लैंडिंग कराई गई। पायलट की असाधारण सूझबूझ और एयरपोर्ट प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।
कैसे शुरू हुआ आसमान में मौत का सफर?
जानकारी के अनुसार, इंडिगो का बोइंग 737-800 विमान अपने निर्धारित समय पर विशाखापट्टनम से दिल्ली के लिए उड़ान भर चुका था। सफर के शुरुआती चरण में सब कुछ सामान्य था, लेकिन जैसे ही विमान दिल्ली के हवाई क्षेत्र (Airspace) के करीब पहुँचा, तकनीकी खराबी के कारण विमान के एक इंजन ने काम करना बंद कर दिया। हवा में एक इंजन फेल होने की खबर मिलते ही विमान के अंदर और कॉकपिट में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
पायलट ने बिना समय गंवाए दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया और ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित करने का अनुरोध किया। एटीसी ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत प्राथमिक रनवे को खाली कराया और सभी अन्य उड़ानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ को कुछ समय के लिए रोक दिया।
रनवे पर ‘हाई अलर्ट’: तैनात की गईं एम्बुलेंस और फायर टेंडर
जैसे ही ‘फुल इमरजेंसी’ का सायरन बजा, दिल्ली एयरपोर्ट के रनवे पर युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू हो गईं। हवाई अड्डे के प्रोटोकॉल के तहत दर्जनों फायर टेंडर (दमकल की गाड़ियां), एम्बुलेंस और एयरपोर्ट रेस्क्यू टीम को रनवे के किनारे तैनात कर दिया गया। किसी भी संभावित आग या क्रैश की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बल (CISF) और मेडिकल टीमें हाई अलर्ट पर थीं।
हवा में पायलट एक इंजन के सहारे विमान को संतुलित करने की कोशिश कर रहे थे। एक इंजन पर विमान को उतारना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि इसमें विमान का संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। हालांकि, पायलट ने शांत रहकर विमान को रनवे पर एप्रोच किया और सुबह करीब 9:45 बजे विमान के पहियों ने दिल्ली की जमीन को सुरक्षित छू लिया।
यात्रियों की जुबानी: “वह खौफनाक मंजर”
विमान के सुरक्षित लैंड होने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। कई यात्रियों ने बताया कि अचानक विमान में एक तेज आवाज सुनाई दी और हल्का झटका महसूस हुआ, जिसके बाद क्रू मेंबर्स ने सभी को शांत रहने और ‘ब्रेस पोजीशन’ (Brace Position) लेने के निर्देश दिए। एक यात्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमें लगा कि आज कुछ बुरा होने वाला है, लेकिन पायलट और क्रू ने जिस तरह से स्थिति को संभाला, वह काबिले तारीफ है।”
लैंडिंग के बाद विमान को आइसोलेशन बे (Isolation Bay) में ले जाया गया, जहाँ यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इंडिगो ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि तकनीकी खराबी के कारण इंजन फेल हुआ था और मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
डीजीसीए (DGCA) करेगा जांच
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस घटना का संज्ञान लिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इंजन में खराबी ‘मैकेनिकल फेल्योर’ की वजह से हो सकती है। जांच टीम अब विमान के ब्लैक बॉक्स और इंजन के डेटा की समीक्षा करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह समस्या रखरखाव (Maintenance) से जुड़ी थी या किसी अन्य बाहरी कारण से।