बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का पहला मेडल तय, ट्रेसा-गायत्री की जोड़ी ने रचा इतिहास

Vin News Network
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India at Badminton World Championship: 2026 बेटियों ने बढ़ाया देश का मान

विन न्यूज़ नेटवर्क। बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारत के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। महिला डबल्स में ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है। इस जीत के साथ ही भारत का कम से कम कांस्य पदक पक्का हो गया है। भारतीय जोड़ी ने क्वार्टरफाइनल में चीन की मजबूत जोड़ी जिया यी फान और झांग शू जियान को तीन गेम तक चले मुकाबले में शिकस्त दी।

69 मिनट तक चला रोमांचक मुकाबला

ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद के लिए क्वार्टरफाइनल मुकाबला आसान नहीं था। करीब 69 मिनट तक चले इस मैच में दोनों टीमों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम 16-21 से गंवा दिया था। शुरुआती गेम में चीन की जोड़ी ने लगातार दबाव बनाए रखा और भारतीय खिलाड़ियों को वापसी का मौका नहीं दिया।

हालांकि, ट्रेसा और गायत्री ने दूसरे गेम में शानदार वापसी की। दोनों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए अपने स्मैश और नेट प्ले का बेहतरीन इस्तेमाल किया। भारतीय जोड़ी ने दूसरा गेम 21-15 से अपने नाम करते हुए मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर ला दिया।

निर्णायक गेम में भारतीय बेटियों का दबदबा

तीसरे और निर्णायक गेम में ट्रेसा-गायत्री ने शुरुआत से ही चीन की जोड़ी पर दबाव बनाए रखा। भारतीय खिलाड़ियों ने रैलियों में धैर्य दिखाने के साथ-साथ सही समय पर आक्रामक शॉट लगाए। चीन की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी भारतीय आक्रमण का जवाब नहीं दे सकी।

भारतीय जोड़ी ने निर्णायक गेम 21-13 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत के साथ ट्रेसा और गायत्री ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया और भारत के लिए पदक सुनिश्चित कर दिया।

2011 के बाद महिला डबल्स में फिर मेडल

ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि महिला डबल्स में भारत को लंबे समय से वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक का इंतजार था। भारत ने इस स्पर्धा में आखिरी बार 2011 में पदक जीता था। तब अश्विनी पोनप्पा और ज्वाला गुट्टा की जोड़ी ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

अब 15 साल बाद भारतीय महिला डबल्स की जोड़ी ने एक बार फिर देश को विश्व मंच पर पदक दिलाने का भरोसा जगाया है। हालांकि, ट्रेसा और गायत्री की नजर अब कांस्य से आगे बढ़कर फाइनल में जगह बनाने और पदक का रंग बदलने पर होगी।

सिंगल्स में भारत की चुनौती खत्म

वर्ल्ड चैंपियनशिप के सिंगल्स मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। महिला सिंगल्स में पीवी सिंधू और उन्नति हुड्डा टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं। पुरुष सिंगल्स में भी लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी की चुनौती समाप्त हो गई है।

मिक्स्ड डबल्स में भी भारतीय जोड़ी आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे में अब महिला डबल्स और पुरुष डबल्स पर भारतीय प्रशंसकों की निगाहें टिकी हैं।

सात्विक-चिराग से भी पदक की उम्मीद

भारत को पुरुष डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की स्टार जोड़ी से भी पदक की उम्मीद है। टूर्नामेंट में पांचवीं वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी का क्वार्टरफाइनल में तीसरी वरीयता वाली चीन की लियांग वेई केंग और वांग चांग की जोड़ी से मुकाबला होना है।

सात्विक और चिराग पहले भी वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत को पदक दिला चुके हैं। दोनों ने 2022 टोक्यो और 2025 पेरिस वर्ल्ड चैंपियनशिप में पुरुष डबल्स का ब्रॉन्ज मेडल जीता था। ऐसे में भारतीय फैंस को उनसे एक और बड़ी उपलब्धि की उम्मीद है।

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