विन न्यूज़ नेटवर्क। अगर किसान पारंपरिक फसलों से हटकर अधिक लाभ देने वाली खेती की तलाश में हैं, तो अदरक एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। बाजार में इसकी मांग पूरे वर्ष बनी रहती है और कीमतों में भी सामान्य तौर पर अच्छी स्थिरता देखने को मिलती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम क्षेत्रफल में भी इसकी खेती शुरू कर बेहतर उत्पादन हासिल किया जा सकता है।
अदरक मसाले के साथ-साथ औषधीय गुणों के कारण भी काफी उपयोग में लाई जाती है। यही वजह है कि घरेलू बाजार से लेकर प्रोसेसिंग उद्योग तक इसकी लगातार मांग बनी रहती है।
खेत की तैयारी कैसे करें
अच्छी पैदावार के लिए सबसे पहले उपयुक्त मिट्टी का चयन जरूरी है। जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी अदरक के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है। खेत में पानी रुकना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे कंद सड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
खेती शुरू करने से पहले खेत की दो से तीन बार गहरी जुताई करें। इसके बाद मिट्टी को भुरभुरी बनाकर उसमें पर्याप्त मात्रा में सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट मिलाएं। जैविक खाद मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मदद करती है।
बीज का सही चयन
अदरक की खेती में स्वस्थ बीज का चयन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। किसानों को भरोसेमंद स्रोत से ऐसे कंद खरीदने चाहिए जिनमें कम से कम दो या तीन अंकुरित आंखें मौजूद हों।
बुवाई से पहले बीज कंदों को फफूंदनाशक घोल से उपचारित करना चाहिए। इससे फसल को फंगस और अन्य बीमारियों से बचाने में मदद मिलती है।
बेड बनाकर करें बुवाई
विशेषज्ञों के अनुसार अदरक को उठी हुई क्यारियों या बेड पर लगाना अधिक फायदेमंद होता है। इससे कंदों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है और अतिरिक्त वर्षा जल आसानी से बाहर निकल जाता है।
कंदों को लगभग 4 से 5 सेंटीमीटर गहराई पर बोना चाहिए। दो पंक्तियों के बीच करीब एक फीट की दूरी रखने से पौधों का विकास बेहतर होता है और रोगों का खतरा कम रहता है।
फसल की देखभाल
बुवाई के बाद खेत में नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन अधिक पानी नहीं देना चाहिए। समय-समय पर निराई-गुड़ाई करने से खरपतवार नियंत्रण में रहते हैं और पौधों को पर्याप्त पोषण मिलता है।
जैविक मल्चिंग करने से मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है और खरपतवार भी कम उगते हैं।
कब तैयार होती है फसल ?
अदरक की फसल सामान्य तौर पर 8 से 9 महीने में तैयार हो जाती है। जब पौधों की पत्तियां पीली पड़ने लगें और सूखने लगें, तब खुदाई की जा सकती है।
कितनी हो सकती है कमाई ?
यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से एक एकड़ क्षेत्र में अदरक की खेती करते हैं, तो लागत निकालने के बाद लगभग 2 से 3 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ प्राप्त किया जा सकता है। बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाली अदरक को बेहतर कीमत मिलती है, जिससे किसानों की आय और बढ़ सकती है।
किसानों के लिए बेहतर विकल्प
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अदरक की खेती उन किसानों के लिए खास तौर पर लाभदायक हो सकती है जो कम जमीन में अधिक आमदनी चाहते हैं। सही समय पर बुवाई, स्वस्थ बीज और वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाकर किसान इस फसल से अच्छा आर्थिक लाभ हासिल कर सकते हैं।