अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में FIR दर्ज, 8 लोग नामजद !

Vin News Network
Vin News Network
4 Min Read
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा एक्शन, ट्रस्ट की शिकायत पर 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज, SIT रिपोर्ट के बाद शुरू हुई जांच।

अयोध्या: राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले में बड़ा कदम उठाते हुए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मामला ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में कुल आठ लोगों को नामजद किया है और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश और विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही स्पष्ट किया था कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी के प्रमुख सदस्य और लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

एफआईआर में जिन आठ लोगों को नामजद किया गया है, उनमें रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, मनीष यादव, लवकुश मिश्र, रमा शंकर मिश्र और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। इनमें सुभाष श्रीवास्तव, जो एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी हैं, और टिन्नू यादव पर पैसे गिनने वाली टीम के प्रभारी होने का आरोप है। शेष छह नामजद लोग भी चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारी बताए जा रहे हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि दर्ज एफआईआर में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के किसी भी सदस्य का नाम शामिल नहीं है। वहीं, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव का नाम भी एफआईआर में नहीं है। हालांकि, चंपत राय के करीबी बताए जाने वाले टिन्नू यादव को इस मामले में आरोपी बनाया गया है।

सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच के दौरान कथित अनियमितताओं से जुड़े कुछ सीसीटीवी फुटेज भी जांच एजेंसियों के हाथ लगे हैं। इसके अलावा टिन्नू यादव के भतीजे मनीष यादव का नाम भी एफआईआर में शामिल किया गया है, जो कथित तौर पर चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में शामिल था।

पुलिस का कहना है कि यह जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और एफआईआर के आधार पर विस्तृत जांच की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 (आपराधिक साजिश), धारा 306 (कर्मचारी द्वारा संपत्ति की चोरी), धारा 316 (आपराधिक विश्वासघात), धारा 317, 317(4) और 317(5) (चोरी की संपत्ति रखने, लेन-देन करने और छिपाने में सहयोग) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

अब पूरे मामले की निगाह पुलिस और एसआईटी की विस्तृत जांच पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही और आगे किनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *