लखनऊ के ताज होटल में आयोजित ‘विकसित उत्तर प्रदेश विजन 2047’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में हालिया हिंसा और कानून‑व्यवस्था के मामलों पर कड़ा तेवर दिखाया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य में अब कोई परिस्थिति ऐसी नहीं चलेगी जिससे सड़कें जाम हों या शहरों में कर्फ्यू लागू करना पड़े। जो लोग अशांति पैदा करने की जुर्रत करेंगे उन्हें कड़ाई से निपटाया जाएगा और इसका सबक आने वाली पीढ़ियाँ भी याद रखेंगी। सीएम ने कहा कि कुछ लोगों ने यह भूल लिया था कि उत्तर प्रदेश में शासन किसका है और वे धमकियों के सहारे व्यवस्था को प्रभावित करना चाहते थे। सरकार ने न केवल तत्काल प्रभाव से सक्रिय कदम उठाए बल्कि व्यवस्थित नीति‑निर्धारण के जरिए ऐसे तत्वों की पुनरावृत्ति रोकने की भी बात कही। उन्होंने जन्मजात शक्ति के उदाहरण देते हुए बताया कि अब पुराने अव्यवस्थित ढांचे को तोड़ा जा चुका है जो पहले माफियाओं को जिले की राजनीति चलाने की छूट देता था।
योगी ने प्रदेश के विकास‑परिदृश्य का भी विस्तृत उल्लेख किया उन्होंने कहा कि आर्थिक और आधारभूत संरचना के कामों में पिछले आठ वर्षों में भारी प्रगति हुई है एक्सप्रेसवे, मेट्रो, हवाई अड्डे और औद्योगिक निवेश में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई है। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश अब न सिर्फ बागवानी या कृषि के मामले में बल्कि युवा रोजगार और उद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र में भी अग्रणी बन चुका है।
इतिहास और संस्कृति को जोड़ते हुए सीएम ने कहा कि भारत प्राचीन काल में वैश्विक आर्थिक और शैक्षिक केंद्र रहा है। उन्होंने तक्षशिला और आयुर्वेदिक परंपरा का उदाहरण देते हुए कहा कि समय के साथ विदेशी शोषण ने हमारे कई उद्योगों को क्षति पहुँचाई, पर आज फिर से भारत और उत्तर प्रदेश विकास की राह पर हैं। उन्होंने विदेशी लूट और औद्योगिक पतन का जिक्र कर देश की पुनरुत्थान की बात की।
विकास लक्ष्यों के लिए सरकार ने कार्ययोजना और संसाधन दोनों पर जोर दिया है। योगी ने बताया कि राज्य सरकार ने सैक्टरिक नीतियाँ बनाई हैं निजी विश्वविद्यालयों को मानक पूरा कर स्वीकृति देने की प्रक्रिया तेज की जा रही है और सैकड़ों योजनाओं से निवेश जमीन पर आ चुका है। उनका कहना था कि नींव मजबूत हो तो परिणाम जल्दी दिखाई देते हैं इसी दृष्टि से 2047 तक उत्तर प्रदेश को आर्थिक दृष्टि से सशक्त बनाना प्राथमिक लक्ष्य है।
अंत में सीएम ने प्रशासनिक सुधारों, पुलिस‑प्रशासन के सम्मान और सार्वजनिक भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट एवं माफिया‑आधारित परंपराओं को खत्म कर नया सिस्टम स्थापित किया गया है और जनता की भागीदारी से ही ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ का सपना पूरा होगा। इस तरह के कदमों से राज्य की आर्थिक हिस्सेदारी बढ़ेगी और आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा।