Delimitation Bill: परिसीमन पर तेज हुई सियासत, सपा का BJP पर निशाना- ‘सीटें बढ़ाकर राजनीतिक बढ़त चाहती है सरकार’

Vin News Network
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सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद (फाइल फोटो)

विन न्यूज़ नेटवर्क। परिसीमन (Delimitation) बिल को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। संसद में इस मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी का दौर जारी है। इस बीच समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी बिल को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि यह केवल राज्यों के प्रतिनिधित्व का मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय कार्यप्रणाली से जुड़ा गंभीर विषय है।

सपा ने सांसदों की संख्या बढ़ाने पर जताई चिंता

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि परिसीमन के जरिए यदि लोकसभा और विधानसभा में जनप्रतिनिधियों की संख्या बढ़ाई जाती है, तो इससे संसदीय कामकाज और अधिक जटिल हो सकता है। उनका तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था में भी सभी सांसदों को सदन में अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता। ऐसे में संख्या बढ़ने से यह चुनौती और बढ़ सकती है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती केवल प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ाने से नहीं होगी, बल्कि यह सुनिश्चित करना अधिक जरूरी है कि प्रत्येक सांसद को अपने क्षेत्र और जनता के मुद्दे प्रभावी ढंग से उठाने का अवसर मिले।

बीजेपी की मंशा पर लगाए आरोप

सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि परिसीमन की प्रक्रिया का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि पार्टी को आशंका है कि सीटों के पुनर्निर्धारण के जरिए उन क्षेत्रों में अधिक प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है, जहां सत्तारूढ़ दल अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में है। इसी वजह से समाजवादी पार्टी इस प्रस्ताव का विरोध कर रही है।

राहुल गांधी का भी आया बयान

इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि यदि कोई दल तमिलनाडु के हितों की अनदेखी करते हुए परिसीमन प्रस्ताव का समर्थन करता है, तो वह राज्य के साथ न्याय नहीं करेगा। यह बयान उस समय आया जब कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि डीएमके के रुख को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि संबंधित दल की ओर से आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।

फिर चर्चा में आया परिसीमन का मुद्दा

परिसीमन बिल को लेकर चर्चा इसलिए भी तेज हो गई है क्योंकि ऐसी अटकलें हैं कि केंद्र सरकार इसे फिर से संसद में लाने की तैयारी कर रही है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। राजनीतिक दलों के अलग-अलग रुख के बीच यह मुद्दा आने वाले दिनों में संसद और देश की राजनीति का प्रमुख विषय बना रह सकता है।

क्या है परिसीमन?

परिसीमन वह प्रक्रिया है जिसके तहत जनसंख्या के आधार पर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया जाता है, ताकि प्रतिनिधित्व अधिक संतुलित हो सके। इस प्रक्रिया को लेकर समय-समय पर राजनीतिक और संवैधानिक बहस होती रही है।

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