दिल्ली में शुक्रवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब हाईकोर्ट को ई-मेल के जरिए बम धमाके की धमकी मिली। ई-मेल में साफ तौर पर लिखा था कि कोर्ट परिसर और जज रूम में तीन बम रखे गए हैं और दोपहर दो बजे तक हाईकोर्ट को खाली करा लिया जाए। यह संदेश मिलते ही कोर्ट परिसर में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस का जमावड़ा लग गया।
सूत्रों के अनुसार, ई-मेल शुक्रवार सुबह हाईकोर्ट के प्रशासनिक ईमेल पर आया। ई-मेल की भाषा और समय ने सुरक्षा अधिकारियों को सतर्क कर दिया। दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और खुफिया एजेंसियां तुरंत हाईकोर्ट पहुंचीं। अदालत के कर्मचारियों, वकीलों और आम लोगों को एहतियातन बाहर निकाल दिया गया।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी धमकियां
दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड बताते हैं कि यह पहली बार नहीं है जब किसी अहम संस्थान को ई-मेल से बम धमाके की धमकी मिली हो। इस साल जनवरी से लेकर अगस्त तक दिल्ली-एनसीआर के 100 से ज्यादा स्कूल और कॉलेज ऐसी ही धमकियों का सामना कर चुके हैं। इनमें डीपीएस वसंत विहार, अमेटी स्कूल साकेत, सलवान पब्लिक स्कूल, मॉडर्न स्कूल, वसंत वैली स्कूल, सेंट स्टीफंस कॉलेज और श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स जैसे नामी संस्थान शामिल हैं। इन मामलों में जांच के बाद पुलिस को अब तक कोई भी विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। लेकिन हर बार सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीरता से लेती हैं।
जुलाई में 50 से ज्यादा स्कूलों को मिली थी धमकी
जुलाई 2025 में तो हालात और भी भयावह रहे। मात्र चार दिनों में 50 से ज्यादा स्कूलों को बम की झूठी धमकी ई-मेल के जरिए मिली। इससे बच्चों और अभिभावकों में दहशत का माहौल बन गया। जांच के दौरान पुलिस ने 17 जुलाई को एक 12 वर्षीय बच्चे को गिरफ्तार किया था जिसने सेंट स्टीफंस कॉलेज और सेंट थॉमस स्कूल को धमकी ई-मेल भेजी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी धमकियां अब तक झूठी साबित हुई हैं। बावजूद इसके सुरक्षा के लिहाज से किसी भी अलर्ट को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
हाईकोर्ट की सुरक्षा बढ़ाई गई
दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में अचानक अलर्ट के बाद बड़े स्तर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई। सभी प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए। कोर्ट के भीतर और बाहर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने तलाशी अभियान शुरू किया। कोर्ट के कर्मचारियों, वकीलों और मीडिया को भी बाहर कर दिया गया। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि धमकी की जांच की जा रही है। ई-मेल का सोर्स ट्रेस किया जा रहा है और साइबर सेल को जांच सौंप दी गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ धमकी ई-मेल
दिल्ली हाईकोर्ट को मिला यह ई-मेल सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने ई-मेल के स्क्रीनशॉट साझा किए जिसमें लिखा था कि जज रूम और कोर्ट परिसर में तीन बम रखे गए हैं। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप
दिल्ली हाईकोर्ट देश की न्यायिक प्रणाली के अहम संस्थानों में शामिल है। इसलिए किसी भी तरह की धमकी को हल्के में नहीं लिया जाता। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को लेकर बेहद सतर्क हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी इस मामले की निगरानी कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार झूठी धमकियां मिलना गंभीर चिंता का विषय है। यह न केवल सुरक्षा एजेंसियों के संसाधनों पर दबाव डालता है बल्कि लोगों में डर और असुरक्षा की भावना भी पैदा करता है।
धमकी के पैटर्न पर सवाल
दिल्ली पुलिस की साइबर टीम अब धमकी देने वालों के पैटर्न और मंशा पर काम कर रही है। अधिकारी मानते हैं कि कई बार शरारत या मज़ाक के तौर पर इस तरह की ई-मेल भेजी जाती हैं, लेकिन यह कानूनन गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस भी आईपी एड्रेस से यह ई-मेल भेजी गई है, उसे ट्रेस किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय साइबर एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी।
लोगों से शांति बनाए रखने की अपील
दिल्ली पुलिस और हाईकोर्ट प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें। अभी तक कोर्ट परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। सुरक्षा जांच पूरी होने तक परिसर को बंद रखा गया है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सभी शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी है।