लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय MSME (सूक्ष्म , लघु और मध्यम उद्यम) दिवस के अवसर पर शुक्रवार को लखनऊ में नवाचार एवं उद्यमिता के प्रोत्साहन हेतु ‘Youth अड्डा’ के लोकार्पण, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (CM YUVA) के मोबाइल ऐप के शुभारंभ कार्यक्रम तथा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के तृतीय संस्करण की कर्टेन रेजर सेरेमनी में सहभाग किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश MSME प्रोत्साहन नीति के लाभार्थियों को चेक एवं ODOP ट्रेनिंग टूल किट के वितरण के साथ ही प्रदेश के विशिष्ट उत्पादों को GI टैग दिलाने हेतु MoU का आदान-प्रदान भी हुआ। सीएम योगी ने कहा, उत्तर प्रदेश अपनी पुरातन पहचान को अपनी विरासत के साथ जोड़कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को एक आधार प्रदान कर रहा है।
सीएम योगी ने इस अवसर पर कहा कि जातीय संघर्ष करवाकर परिवारवाद के नाम पर ‘एक जनपद-एक माफिया’ देना, यही पिछली सरकारों की उपलब्धि रही है।
सीएम योगी ने कहा, उत्तर प्रदेश को एक नई पहचान दिलाने के लिए हमने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से परंपरागत उद्यम को एक नई पहचान दी है। हमारे लिए जाति मायने नहीं रखती। हम हर युवा की प्रतिभा और उसकी ऊर्जा का लाभ उत्तर प्रदेश के विकास में लगाना चाहते हैं। आज 96 लाख MSME यूनिट्स यूपी के अंदर कार्यरत हैं। देश के अंदर सर्वाधिक उत्तर प्रदेश के 77 प्रोडक्ट्स को ‘GI टैग’ मिला है। आज बरेली और मुरादाबाद में कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर का लोकार्पण हुआ है।
सीएम योगी ने कहा, प्रदेश के युवाओं के लिए Youth अड्डा बनाने का कार्य हुआ है। जहां बताया जाएगा कि किसी फील्ड में आप प्रशिक्षण लीजिए, बैंक से जोड़ने की सुविधा मिलेगी। यानि यहां सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) के अंतर्गत किसी भी नौजवान को ₹5 लाख तक का ऋण गारंटी-मुक्त है, ब्याज-मुक्त है, 10% की उसमें सरकार की ओर से सब्सिडी भी दी जा रही है। 24 जनवरी, 2025 से लेकर अब तक 55 हजार से अधिक युवाओं को इस सुविधा का लाभ प्राप्त हुआ है।
सीएम योगी ने कहा, उत्तर प्रदेश के हर युवा की प्रतिभा और उसकी ऊर्जा का लाभ हम उत्तर प्रदेश के विकास में लगाना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। डबल इंजन की सरकार ने ‘One District-One Product’ (ODOP) देकर के उत्तर प्रदेश को उसकी विरासत से जोड़ने का काम किया है, जो उत्तर प्रदेश को एक नई पहचान दे रहा है। करोड़ों नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित कर रहा है।
उत्तर प्रदेश के प्रोडक्ट्स को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलने से एक्सपोर्ट के नए रास्ते भी खुल रहे हैं। वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश से कुल एक्सपोर्ट लगभग ₹80 हजार करोड़ का था। आज ₹02 लाख करोड़ से ऊपर का एक्सपोर्ट उत्तर प्रदेश कर रहा है
सीएम योगी ने कहा, याद कीजिए 2017 से पहले का उत्तर प्रदेश दंगों और माफिया गिरोहों के लिए जाना जाता था। पिछली सरकारों की उपलब्धि क्या है? जातिगत संघर्ष कराकर परिवारवाद के नाम पर एक जिला एक माफिया देना, यही उनकी उपलब्धि थी जिसके कारण उत्तर प्रदेश के युवाओं, उत्तर प्रदेश के नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। आज उत्तर प्रदेश की विरासत पर गर्व करने के लिए, इस पहचान के संकट को दूर करने के लिए डबल इंजन की सरकार ने एक जिला, एक उत्पाद देकर उत्तर प्रदेश को उसकी विरासत से जोड़ने का काम किया है।