केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि नियामक मानकों के कथित उल्लंघन को लेकर इंडिगो एयरलाइन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। सरकार ने अदालत को सूचित किया कि इंडिगो के उपाध्यक्ष (वाइस प्रेसिडेंट) को पद से हटाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही एयरलाइन पर 20 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट में पेश होते हुए केंद्र ने कहा कि प्रवर्तन कार्रवाई के तहत इंडिगो से 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भी ली गई है। सरकार के अनुसार यह कदम विमानन सुरक्षा और नियमों के सख्त अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
केंद्र ने अदालत को यह भी बताया कि इंडिगो के कई वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी गई है। इनमें एयरलाइन के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ), उड़ान संचालन के उप प्रमुख और एक संसाधन विश्लेषक शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि यदि आगे भी इसी तरह की अनियमितताएं पाई जाती हैं तो इन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की दलीलों को रिकॉर्ड में लेते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 फरवरी की तारीख तय की है। अदालत इस दौरान की गई कार्रवाई और भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों पर भी विचार करेगी।
यह मामला देश के विमानन क्षेत्र में नियामक निगरानी और जवाबदेही को लेकर अहम माना जा रहा है, जहां सरकार ने यह संकेत दिया है कि सुरक्षा और नियमों से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।