बजट 2026: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर को विशेष सौगात, किसानों और पर्यटन पर सरकार का फोकस

Vin News Network
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केंद्रीय बजट 2026 में पहाड़ी राज्यों और किसानों पर विशेष फोकस

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए किसानों की आय बढ़ाने और पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। बजट में पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष पहल का प्रावधान किया गया है। सरकार के अनुसार, इन प्रस्तावों का उद्देश्य संतुलित, समावेशी और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना है।

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि कृषि और पर्यटन दोनों ऐसे क्षेत्र हैं, जो रोजगार सृजन के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बजट 2026 में इन दोनों क्षेत्रों के लिए नई योजनाओं और पहलों की घोषणा की गई है।

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
बजट 2026 में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने का ऐलान किया गया है। सरकार ने तटीय इलाकों के किसानों को उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती की ओर प्रेरित करने की घोषणा की है। इसके तहत नारियल, काजू और कोको जैसी फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसके साथ ही पहाड़ी और अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में अखरोट और पाइन नट्स जैसी मेवों की खेती को प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इन फसलों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी मांग है और इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकता है। सरकार का मानना है कि उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर रुख करने से खेती अधिक लाभकारी बनेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

पर्यटन क्षेत्र में संस्थागत सुधार
पर्यटन क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए बजट में कई संस्थागत सुधारों की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी (NCHMCT) को अपग्रेड कर एक राष्ट्रीय स्तर का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।

इस संस्थान का उद्देश्य शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार के बीच सहयोग को मजबूत करना है, ताकि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में प्रशिक्षण, गुणवत्ता और मानकों को बेहतर बनाया जा सके। सरकार के अनुसार, इससे पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।

टूर गाइड प्रशिक्षण योजना
बजट 2026 में देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर टूर गाइड्स के प्रशिक्षण के लिए एक नई पायलट योजना की घोषणा की गई है। इसके तहत देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 टूर गाइड्स को प्रशिक्षित किया जाएगा।

यह प्रशिक्षण 12 सप्ताह का होगा और इसे मानकीकृत तथा उच्च गुणवत्ता वाला बताया गया है। प्रशिक्षण हाइब्रिड मोड में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के सहयोग से दिया जाएगा। सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

डिजिटल डेस्टिनेशन नॉलेज ग्रिड
पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल पहल के तहत सरकार एक राष्ट्रीय डिजिटल डेस्टिनेशन नॉलेज ग्रिड विकसित करेगी। इस ग्रिड में देश के सभी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत स्थलों को डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से पर्यटन स्थलों से जुड़ी जानकारी एक जगह उपलब्ध होगी, जिससे नीति निर्माण, प्रचार और पर्यटकों की सुविधा में सुधार किया जा सकेगा।

पर्वतीय और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा
बजट में पर्यावरण के अनुकूल और साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की गई है। इसके तहत हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे।

इसके अलावा, पूर्वी घाट की अराकू घाटी और पश्चिमी घाट के पुडिगई मलै क्षेत्र में भी ऐसे ट्रेल्स बनाए जाने का प्रस्ताव है। सरकार का कहना है कि इससे स्थानीय समुदायों को रोजगार मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

वन्यजीव और प्रकृति पर्यटन
वन्यजीव पर्यटन को बढ़ाने के लिए भी बजट में नए प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुआ नेस्टिंग साइट्स पर टर्टल ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। वहीं, आंध्र प्रदेश की पुलिकट झील के आसपास बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स तैयार किए जाने की घोषणा की गई है।

सरकार के अनुसार, इन पहलों से पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और स्थानीय पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।

केंद्रीय बजट 2026 में कृषि और पर्यटन को विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में प्रस्तुत किया गया है। सरकार का कहना है कि इन क्षेत्रों में किए गए निवेश और सुधारों से न केवल किसानों और स्थानीय समुदायों को लाभ मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने में भी मदद मिलेगी।

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