दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शुमार BlackRock Inc. इन दिनों एक बड़े वित्तीय विवाद के घेरे में आ गई है। कंपनी ने अपने 2,390.27 अरब (करीब 2.15 लाख करोड़ रुपये) के विशाल प्राइवेट क्रेडिट फंड से निवेशकों की निकासी पर अंकुश लगा दिया है, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में 7 फीसदी से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई।
क्या है पूरा मामला?
BlackRock का HPS कॉर्पोरेट लेंडिंग फंड, जिसे HLEND के नाम से भी जाना जाता है, एक नॉन-ट्रेडेड बिजनेस डेवलपमेंट कंपनी है और अपनी श्रेणी के सबसे बड़े फंड्स में से एक है। हाल ही में इस फंड में एक असामान्य स्थिति उत्पन्न हुई जब निवेशकों ने एक साथ अपने 9.3% शेयर वापस लेने के लिए अनुरोध कर दिया। यह मांग तय सीमा से कहीं अधिक थी।
इस पर कंपनी के प्रबंधन ने निकासी की अधिकतम सीमा केवल 5% तय कर दी यानी निवेशकों की मांग का लगभग आधा। फंड के पास वर्ष के अंत में करीब 1.2 अरब डॉलर के पात्र शेयर उपलब्ध थे। इसका मतलब यह हुआ कि जो निवेशक अपना पूरा पैसा वापस चाहते थे, उन्हें केवल 62 करोड़ डॉलर यानी मांगी गई राशि का आधा ही वापस मिल पाएगा।
BlackRock का बचाव
कंपनी ने इस फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि निकासी पर यह सीमा कोई नई बात नहीं है। BlackRock के अनुसार यह प्रतिबंध इस फंड की मूल संरचना का एक अहम और पहले से तय हिस्सा है। कंपनी ने इसे फंड की “बुनियादी विशेषता” बताया और कहा कि तरलता प्रबंधन के लिए यह उपाय शुरू से ही इस निवेश ढांचे में शामिल था।
बाजार पर असर
इस खबर का असर सिर्फ BlackRock तक सीमित नहीं रहा। न्यूयॉर्क स्टॉक मार्केट में BlackRock के शेयर 7% से अधिक गिर गए। इसके साथ ही प्रतिद्वंद्वी कंपनियों KKR & Co. और Ares Management Corp. के शेयरों में भी तेज गिरावट आई। रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों कंपनियों का यह दशक का सबसे खराब शुरुआती प्रदर्शन रहा है।
यह घटना प्राइवेट क्रेडिट बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और निवेशकों के घटते भरोसे की ओर इशारा करती है, जो वित्तीय विशेषज्ञों के लिए एक गंभीर चेतावनी मानी जा रही है।