भोपाल में अपने पति के घर में मृत पाई गई नोएडा निवासी 33 साल की ट्विशा शर्मा मामले में परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा और चचेरे भाई आशीष शर्मा ने दावा किया कि उनकी बेटी की मौत सामान्य नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। परिवार का कहना है कि आरोपी पक्ष अपने प्रभाव और संपर्कों का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
परिजनों के मुताबिक, 12 मई को ट्विशा शर्मा का शव भोपाल स्थित उनके पति समर्थ सिंह के घर में मिला था। समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं। दोनों की मुलाकात एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी और दिसंबर 2025 में दोनों ने शादी की थी। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार तुरंत दिल्ली और अजमेर से भोपाल पहुंचा, लेकिन यहां आने के बाद उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ा।
आशीष शर्मा ने आरोप लगाया कि परिवार को एक थाने से दूसरे थाने तक भटकाया गया। महिला थाना, महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग और पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक उन्हें न्याय की गुहार लगानी पड़ी। उन्होंने कहा कि ट्विशा के शरीर पर कई चोटों के निशान थे, लेकिन शुरुआत में पुलिस एफआईआर दर्ज करने से बचती रही।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि अदालत की कार्यवाही के दौरान उन पर दबाव बनाया गया। आशीष शर्मा के अनुसार, अदालत परिसर में कुछ लोगों ने परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया और महिला सदस्यों को परेशान किया गया। उन्होंने दावा किया कि हालात इतने तनावपूर्ण हो गए थे कि उन्हें सुरक्षा का एहसास भारतीय सेना के जवानों के पहुंचने के बाद ही हुआ।
ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी कई बार अपने वैवाहिक जीवन से परेशान होने की बात कह चुकी थी। उन्होंने कहा कि ट्विशा ने घर वापस आने की इच्छा जताई थी और टिकट भी बुक कराए थे, लेकिन उन्हें रद्द करा दिया गया। परिवार ने भी बेटी को वापस लाने की कोशिश की थी, मगर वह सफल नहीं हो सके।
नवनीधि शर्मा ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया में भी बाधाएं डाली गईं। उनका कहना है कि शुरुआत में उन पर अंतिम संस्कार के लिए दबाव बनाया गया ताकि सच्चाई सामने न आ सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी परिवार के कुछ रिश्तेदार प्रशासन और न्यायपालिका में प्रभावशाली पदों पर हैं, जिसके कारण निष्पक्ष जांच को लेकर परिवार की चिंता बढ़ गई है।
इधर, पुलिस ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया है। पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनके पिता, सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या से जुड़े आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
एसआईटी प्रमुख और एसीपी रजनीश कश्यप ने बताया कि आरोपी समर्थ सिंह की तलाश में कई पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।