यूपी चुनाव से पहले बीजेपी की नई रणनीति, दिल्ली में पीएम मोदी से मिले सीएम योगी

Vin News Network
Vin News Network
4 Min Read
दिल्ली में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।

विन न्यूज़ नेटवर्क। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच प्रधानमंत्री आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग पर बैठक हुई। बताया जा रहा है कि बातचीत करीब एक घंटे तक चली। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

चुनाव से पहले संगठन पर बीजेपी का जोर

उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों के बीच बीजेपी का खास ध्यान बूथ स्तर के संगठन पर है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी ने करीब 18,900 ऐसे बूथों की पहचान की है, जहां 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी आगे रही थी, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में उसे नुकसान हुआ। इन बूथों में करीब 80 फीसदी ग्रामीण इलाकों में बताए गए हैं। अवध और पूर्वांचल के क्षेत्रों में ऐसे बूथों की संख्या अधिक बताई गई है।

हर बूथ के सामाजिक समीकरण पर नजर

पार्टी की रणनीति में स्थानीय सामाजिक समीकरण को भी खास जगह दी जा रही है। योजना के मुताबिक, बूथ पर जिन-जिन सामाजिक समूहों की मौजूदगी है, उन्हें बूथ कमेटी में प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की जाएगी। इसके पीछे पार्टी का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर अलग-अलग समुदायों के साथ संवाद और संपर्क बढ़ाना है।

यानी जिस इलाके में जिस सामाजिक समूह की संख्या ज्यादा है, वहां संगठन में उसी समुदाय के स्थानीय लोगों को जिम्मेदारी देने पर जोर रहेगा। पार्टी के स्तर पर इसे जमीनी संपर्क मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

विनोद तावड़े संभाल रहे यूपी की जिम्मेदारी

बीजेपी ने हाल ही में विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया है। तावड़े ने प्रदेश में पार्टी संगठन से जुड़े नेताओं के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। 6 सितंबर को लखनऊ में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी। इस दौरान प्रदेश सह-प्रभारी जगदीश पटेल भी मौजूद रहे।

हालिया संगठनात्मक बैठकों में बूथ स्तर की स्थिति, कमजोर क्षेत्रों और सरकार-संगठन के बीच तालमेल जैसे मुद्दों पर फीडबैक लिया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी की समीक्षा में जातीय और सामाजिक समीकरण को भी अहम विषय माना गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष नजर

बीजेपी के आंतरिक बूथ विश्लेषण में सामने आया है कि 2024 लोकसभा चुनाव में जिन बूथों पर पार्टी को नुकसान हुआ, उनमें बड़ी संख्या ग्रामीण इलाकों की है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 18,900 बूथों में लगभग 80 फीसदी ग्रामीण क्षेत्र में हैं। अवध और पूर्वांचल के कई हिस्सों में पार्टी को ऐसे बूथों पर संगठनात्मक काम बढ़ाने की जरूरत महसूस हुई है।

अब पार्टी इन इलाकों में स्थानीय कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने, सामाजिक समूहों के साथ संपर्क मजबूत करने और बूथ कमेटियों को ज्यादा प्रभावी बनाने पर काम कर रही है।

2024 के अनुभव से 2027 की तैयारी

2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बीजेपी को 33 सीटें मिली थीं, जबकि समाजवादी पार्टी ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद बीजेपी ने कई स्तरों पर संगठनात्मक समीक्षा शुरू की। हालिया बूथ विश्लेषण इसी समीक्षा का हिस्सा बताया जा रहा है।

अब 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी का फोकस बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ स्थानीय संगठन पर भी है। बूथ कमेटियों में सामाजिक प्रतिनिधित्व, कमजोर बूथों की पहचान और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने की कवायद आने वाले महीनों में और तेज होने की संभावना है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *