विन न्यूज़ नेटवर्क। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की निराशा को पीछे छोड़ते हुए भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे में शानदार वापसी की है। तीन मैचों की टी20 सीरीज में मेजबान टीम का 3-0 से सफाया कर भारत ने न सिर्फ सीरीज अपने नाम की, बल्कि युवा खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस जीत के सबसे बड़े नायक रहे 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने पूरी सीरीज में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का पुरस्कार अपने नाम किया।
कम उम्र में मिले इस बड़े सम्मान के बाद वैभव ने जो प्रतिक्रिया दी, उसने क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। उन्होंने इस उपलब्धि को अपने जीवन का सबसे खास पल बताते हुए पूरी टीम, कोचिंग स्टाफ और कप्तान का आभार जताया।
‘यह मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है’
‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुने जाने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए किसी सपने के पूरा होने से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि पहला ‘मैन ऑफ द मैच’ और पहला ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ पुरस्कार जीतना उनके लिए बेहद भावुक और यादगार पल है।
वैभव ने बताया कि हरारे पहुंचने के बाद टीम ने लगातार दो-तीन दिनों तक कड़ी तैयारी की थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मैदान से उनका खास जुड़ाव है क्योंकि वह यहां पहले अंडर-19 विश्व कप भी खेल चुके हैं। यही वजह है कि इस मैदान पर बल्लेबाजी करना उन्हें हमेशा पसंद आता है।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कप्तान, कोच और पूरी टीम को देते हुए कहा कि सभी खिलाड़ियों का सहयोग उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता रहा।
टी20 अंदाज में खेली आक्रामक क्रिकेट
वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि उनकी बल्लेबाजी की शैली हमेशा आक्रामक रही है और उन्होंने इस सीरीज में भी उसी अंदाज को बरकरार रखा। उनका लक्ष्य हर मैच में टीम को तेज शुरुआत दिलाना था ताकि बाकी बल्लेबाजों पर दबाव कम रहे।
उन्होंने कहा कि अगर शुरुआत अच्छी मिलती है तो वह पारी को लंबा ले जाने की कोशिश करते हैं। अभ्यास के दौरान जिन शॉट्स और रणनीतियों पर काम किया जाता है, उन्हें मैच में दोहराना ही उनकी सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है।
तीन मैच, सबसे ज्यादा रन और सबसे ज्यादा छक्के
जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला लगातार गरजा। उन्होंने तीन मुकाबलों में 151 रन बनाए और पूरी सीरीज के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने।
इस दौरान उनका औसत 50.33 और स्ट्राइक रेट 196.10 रहा, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है। वैभव ने सीरीज में कुल 9 छक्के लगाए, जो किसी भी बल्लेबाज द्वारा सबसे अधिक रहे। इसके अलावा उनके बल्ले से 15 चौके भी निकले, जिससे वह चौके लगाने के मामले में भी शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल रहे।
शतक से चूके, लेकिन जीत दिलाने वाली पारी खेली
सीरीज के तीसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी शतक के बेहद करीब पहुंच गए थे। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 81 रन बनाए और भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। हालांकि वह अपने पहले अंतरराष्ट्रीय शतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारी ने भारत की जीत की मजबूत नींव रखी।
उनकी इस पारी की बदौलत भारतीय टीम ने मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बना ली और अंत में सीरीज का तीसरा मैच भी अपने नाम कर क्लीन स्वीप पूरा किया।
भारतीय क्रिकेट को मिला भविष्य का नया सितारा
महज 15 वर्ष की उम्र में जिस आत्मविश्वास और परिपक्वता के साथ वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन किया है, उसने क्रिकेट विशेषज्ञों को भी प्रभावित किया है। लगातार रन बनाना, बड़े शॉट लगाने की क्षमता और दबाव में संयम दिखाना इस युवा बल्लेबाज की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया है।
भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों में कई युवा खिलाड़ियों ने अपनी पहचान बनाई है और अब वैभव सूर्यवंशी का नाम भी उसी सूची में तेजी से जुड़ता नजर आ रहा है। यदि वह इसी तरह लगातार प्रदर्शन करते रहे तो आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए एक अहम बल्लेबाज साबित हो सकते हैं।
सीरीज में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन
- मैच: 3
- कुल रन: 151
- औसत: 50.33
- स्ट्राइक रेट: 196.10
- छक्के: 9 (सीरीज में सर्वाधिक)
- चौके: 15 सर्वश्रेष्ठ स्कोर: 81 रन
- उपलब्धि: प्लेयर ऑफ द सीरीज
कम उम्र में शानदार प्रदर्शन और विनम्र व्यवहार के कारण वैभव सूर्यवंशी न सिर्फ मैदान पर बल्कि मैदान के बाहर भी लोगों का दिल जीत रहे हैं। जिम्बाब्वे दौरे पर उनका प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत झलक माना जा रहा है।