विन न्यूज़ नेटवर्क। 11 जून को बिहार के मानसी रेल थाना क्षेत्र के बदलाघाट के पास जनसाधारण एक्सप्रेस में एक यात्री को गोली मार दी गई थी. बाद में घायल व्यक्ति की पहचान जमुई में कार्यरत विद्युतकर्मी देव गुंजन कुमार के रूप में हुई. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी. घटना के बाद रेल पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था. लगभग एक महीने की जांच के बाद पुलिस ने बुधवार को इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया.
पत्नी पर साजिश रचने का आरोप
जांच में सामने आया कि देव गुंजन कुमार की पत्नी समिता, जो सुपौल में मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) के पद पर तैनात हैं, ने ही हत्या की योजना तैयार की थी. पुलिस के अनुसार समिता ने अपने प्रेमी अजीत कुमार के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची.
कटिहार रेल पुलिस ने समिता, उसके कथित प्रेमी अजीत कुमार और शूटर राजू कुमार उर्फ धीरज को गिरफ्तार कर लिया है.

पति से मिलने जा रहे थे देव गुंजन
पुलिस के मुताबिक देव गुंजन कुमार 11 जून को अपनी पत्नी से मिलने सुपौल जा रहे थे. यात्रा के दौरान जब ट्रेन बदलाघाट के पास पहुंची, तभी अपराधियों ने उन पर गोली चला दी. गंभीर रूप से घायल देव गुंजन को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.
प्रारंभिक जांच में घटना को लूटपाट या सामान्य आपराधिक वारदात माना जा रहा था, लेकिन तकनीकी और मानव स्रोतों से मिली जानकारी ने मामले की दिशा बदल दी.
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में अजीत कुमार ने अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है. उसने बताया कि उसका और समिता का लंबे समय से संबंध था और देव गुंजन उनके रिश्ते में बाधा बन रहे थे. इसी कारण दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई.
पुलिस के अनुसार अजीत ने एक शूटर को सुपारी देकर ट्रेन में वारदात को अंजाम दिलवाया. गिरफ्तार शूटर राजू कुमार उर्फ धीरज ने भी पूछताछ में घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की है.
सभी आरोपी जहानाबाद से जुड़े
जांच में यह भी सामने आया कि प्रेमी अजीत कुमार जहानाबाद जिले के घोषी थाना क्षेत्र का निवासी है. पत्नी समिता और गिरफ्तार शूटर का संबंध भी उसी इलाके से बताया जा रहा है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की योजना कब बनाई गई और इसमें अन्य लोगों की भी कोई भूमिका थी या नहीं.

SIT जांच से खुला पूरा राज
बरौनी रेल अनुमंडल पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित SIT ने कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई. पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ में मिले बयानों के बाद पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ.
फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया जा रहा है.
लगातार बढ़ रहे ऐसे मामले
हाल के महीनों में देश के विभिन्न राज्यों से प्रेम संबंधों के चलते पति या पत्नी की हत्या के कई मामले सामने आए हैं. बिहार का यह मामला भी उसी श्रेणी में जुड़ गया है, जहां पारिवारिक विवाद और विवाहेतर संबंध एक गंभीर आपराधिक घटना में बदल गए.
इस हत्याकांड के खुलासे के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है और लोग इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि एक सरकारी अधिकारी पर अपने ही पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है.