ढाका: बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने अपदस्थ पीएम शेख हसीना के खिलाफ पिछले वर्ष छात्रों के प्रदर्शन को हिंसक रूप से दबाने के लिए जनसंहार समेत कई आरोप तय किए हैं। इस कार्यवाही के बाद अब हसीना के खिलाफ उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा शुरू किया जाएगा।
बांग्लादेश के मुख्य अभियोजक ताजुल इस्लाम ने कहा- हमला ‘पूर्व नियोजित और राज्य संरक्षित था। सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया। आरोप पत्र में वीडियो फुटेज, ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग, दस्तावेज और डेटा एनालिसिस को शामिल किया गया है। इसके साथ ही 81 गवाहों की सूची सौंपी गई है।
इस तथ्यों को देखने के बाद आईसीटी पीठ ने आरोपों पर संज्ञान लिया। हसीना और तत्कालीन गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के खिलाफ नया गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। तत्कालीन आईजी चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को भी आरोपी बनाया गया है। अगर हसीना सहित अन्य दोषी साबित हुए तो मृत्युदंड तक दिया जा सकता है।