अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में फीस वृद्धि और छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहे धरना-प्रदर्शन के शांत होने के बाद अब विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। हिंदू संगठनों द्वारा एएमयू परिसर के बाब-ए-सैयद गेट पर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। इस मामले में हिंदू रक्षा दल के प्रदेश संयोजक गौरव सिसोदिया को नजरबंद कर दिया गया है जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष रौनक खत्री को हिरासत में ले लिया गया।
गौरव सिसोदिया गाजियाबाद में नजरबंद
हिंदू रक्षा दल के प्रदेश संयोजक गौरव सिसोदिया ने सोमवार को ऐलान किया था कि वे मंगलवार को एएमयू जाकर बाब-ए-सैयद गेट पर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इस एलान के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया और मंगलवार सुबह से ही अलीगढ़ और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए। हालांकि इससे पहले ही गाजियाबाद पुलिस ने गौरव सिसोदिया को उनके निवास पर नजरबंद कर दिया। पुलिस का कहना है कि उनके इस कदम से विश्वविद्यालय परिसर में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती थी। गौरव के खिलाफ एक एफआईआर भी दर्ज की गई है। हिंदू रक्षक दल के राष्ट्रीय संयोजक पिंकी चौधरी ने इसकी पुष्टि की है और कहा कि पुलिस ने गौरव को उनके घर से निकलने नहीं दिया और उन्हें अलीगढ़ पहुंचने से रोक दिया गया।
डीयू छात्र नेता रौनक खत्री हिरासत में
वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष रौनक खत्री मंगलवार को एएमयू में छात्रों से मिलने जा रहे थे, लेकिन उन्हें टप्पल थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर रोक लिया गया। पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया और टप्पल के एक रेस्टोरेंट में उनसे बातचीत की गई।
रौनक खत्री ने मीडिया से कहा कि वह केवल छात्रों से मिलने आ रहे थे और प्रशासन का यह रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब छात्र नेताओं को छात्रों से मिलने की भी आज़ादी नहीं रही? उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या किसी न्यायालय ने उन्हें विश्वविद्यालय आने से रोका है? इस पर एसपी देहात अमृत जैन ने कहा कि रौनक खत्री को हिरासत में नहीं लिया गया है बल्कि उन्हें सिर्फ समझाया जा रहा है कि एएमयू में चल रहा आंदोलन समाप्त हो चुका है और अब परिसर में शांति है। ऐसे में किसी भी बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी से माहौल दोबारा तनावपूर्ण हो सकता है।
एएमयू सर्कल पर पुलिस बल तैनात
एएमयू में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने बाब-ए-सैयद गेट और विश्वविद्यालय सर्कल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस की तैनाती यमुना एक्सप्रेसवे, गभाना टोल प्लाजा और अन्य संभावित मार्गों पर भी की गई है जिससे किसी भी बाहरी व्यक्ति की एंट्री को रोका जा सके।
राजनीतिक रंग लेता मामला
पूरा मामला अब केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रंग भी ले चुका है। एक तरफ हिंदू संगठनों की धार्मिक घोषणा है तो दूसरी ओर छात्र नेताओं की हिस्सेदारी और उनका प्रशासन से टकराव भी सामने आ रहा है। प्रशासन इस पूरे मामले को कानून-व्यवस्था की दृष्टि से देख रहा है जबकि छात्र इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं।
निष्कर्ष
एएमयू एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन गया है। जहां एक ओर छात्रों की मांगें और धरना शांतिपूर्वक समाप्त हो गया था वहीं अब हनुमान चालीसा के पाठ की घोषणा और पुलिस कार्रवाई ने माहौल को फिर से संवेदनशील बना दिया है। प्रशासन फिलहाल सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार दिख रहा है।