AIIMS नहीं मिला तो क्या? NEET UG के बाद इन सरकारी मेडिकल कॉलेजों से भी बन सकते हैं बेहतरीन डॉक्टर

Vin News Network
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विन न्यूज़ नेटवर्क। हर साल लाखों छात्र NEET UG परीक्षा में शामिल होते हैं और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का सपना AIIMS में दाखिला लेने का होता है। हालांकि सीटों की सीमित संख्या के कारण सभी छात्रों को AIIMS में प्रवेश नहीं मिल पाता। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि डॉक्टर बनने का रास्ता बंद हो गया। देश में कई ऐसे सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, जहां शिक्षा की गुणवत्ता, अस्पतालों में प्रशिक्षण, फैकल्टी और रिसर्च सुविधाएं बेहद मजबूत मानी जाती हैं।

मेडिकल शिक्षा से जुड़े जानकारों के अनुसार छात्रों को केवल AIIMS को ही लक्ष्य नहीं बनाना चाहिए। कई पुराने सरकारी मेडिकल संस्थान दशकों से देश को उत्कृष्ट डॉक्टर दे रहे हैं। इन कॉलेजों की सबसे बड़ी खासियत कम फीस, अनुभवी शिक्षक, बड़े सरकारी अस्पतालों से जुड़ाव और मजबूत क्लीनिकल ट्रेनिंग है।

JIPMER: रिसर्च और आधुनिक सुविधाओं के लिए मशहूर

जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च देश के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल संस्थानों में शामिल है। यहां आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ रिसर्च पर विशेष ध्यान दिया जाता है। पहले JIPMER की अलग प्रवेश परीक्षा होती थी, लेकिन अब यहां एडमिशन NEET UG स्कोर के आधार पर ही होता है।

दिल्ली के मेडिकल कॉलेज अब भी टॉप चॉइस

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज लंबे समय से मेडिकल छात्रों की पहली पसंद बना हुआ है। दिल्ली के प्रमुख सरकारी अस्पतालों से जुड़े होने के कारण यहां छात्रों को मरीजों के इलाज और क्लीनिकल कार्य का व्यापक अनुभव मिलता है।

इसी तरह लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज भी उच्च गुणवत्ता वाली मेडिकल शिक्षा के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध हैं।

AFMC: मेडिकल डिग्री के साथ सेना में सेवा का अवसर

आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में गिना जाता है। यहां प्रवेश NEET के माध्यम से होता है, लेकिन इसके बाद अभ्यर्थियों को अतिरिक्त चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। पढ़ाई पूरी होने के बाद छात्रों को भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा करने का अवसर भी मिलता है।

IMS-BHU और MMC की भी मजबूत पहचान

इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा नाम है। यहां सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं के साथ रिसर्च का भी अच्छा माहौल मिलता है। वहीं मद्रास मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज भी वर्षों से उत्कृष्ट डॉक्टर तैयार कर रहे हैं। ग्रांट गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में शामिल है।

एडमिशन की प्रक्रिया कैसे होती है?

इन सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश NEET UG की मेरिट के आधार पर दिया जाता है। इसके बाद छात्रों को ऑल इंडिया कोटा और संबंधित राज्यों की स्टेट काउंसलिंग के माध्यम से सीट आवंटित की जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल अच्छी रैंक हासिल करना ही पर्याप्त नहीं होता। छात्रों को काउंसलिंग प्रक्रिया, कॉलेजों की प्राथमिकता, कटऑफ और सीट मैट्रिक्स की सही जानकारी भी रखनी चाहिए। सही रणनीति के साथ कई छात्र AIIMS के अलावा अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी शानदार मेडिकल करियर बना रहे हैं।

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