उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के नेता चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में किसानों को सम्मानित किया। इस अवसर को किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किसानों को ट्रैक्टर वितरित कर हरी झंडी दिखाई और राज्य सरकार द्वारा कृषि विकास एवं किसान कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों और उनके परिवारों के उत्साह ने कृषि क्षेत्र में बढ़ती समृद्धि और आत्मविश्वास को दर्शाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रगति में किसानों का योगदान अनमोल है। उन्होंने कहा, “आज आप सभी हमारे अन्नदाता हैं और आपकी मेहनत के कारण ही राज्य प्रगति के नए आयाम छू रहा है। इस अवसर पर हम उन किसानों को ट्रैक्टर प्रदान कर रहे हैं जो अपने परिवार के साथ आए हैं और राज्य के कृषि क्षेत्र में सुधार लाने में अपना योगदान दे रहे हैं।”
कृषि को प्राथमिकता देने वाले नीतिगत प्रयास
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पिछले एक दशक में कृषि क्षेत्र को शासन की प्राथमिकता बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद राज्य में लागू किए गए नीतिगत परिवर्तनों ने किसानों को सरकार की योजनाओं और विकास एजेंडे में शामिल होने का अवसर दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसानों की उपस्थिति और उनकी भागीदारी कृषि में आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति का स्पष्ट संकेत देती है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से वैज्ञानिक हस्तक्षेप और तकनीकी सुधारों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना ने किसानों को अपनी भूमि के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया है। पहले बहुत कम किसानों के पास मृदा स्वास्थ्य कार्ड था, लेकिन अब इससे किसानों को फसल चयन, उर्वरक उपयोग और समग्र कृषि प्रबंधन में सूचित निर्णय लेने में मदद मिल रही है।
इस योजना से किसान न केवल उत्पादन बढ़ा रहे हैं, बल्कि लागत में भी कमी ला रहे हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मृदा स्वास्थ्य कार्ड और अन्य आधुनिक कृषि तकनीकों की मदद से हमारे किसान अब वैज्ञानिक तरीके से खेती कर रहे हैं और राज्य की कृषि उत्पादकता में सुधार हो रहा है।”
किसानों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
चौधरी चरण सिंह को व्यापक रूप से किसानों के अधिकारों का रक्षक माना जाता है। उनकी स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार ने कृषि के सभी पहलुओं में किसानों को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि मशीनीकरण, प्रौद्योगिकी और लक्षित कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को मजबूत बनाने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना, उत्पादन में सुधार करना और उन्हें आधुनिक खेती के तरीकों से जोड़ना है।
कार्यक्रम में किसानों को वितरित किए गए ट्रैक्टर न केवल उनकी उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेंगे, बल्कि उनके काम को आसान और अधिक तकनीकी रूप से सक्षम बनाने में भी सहायक होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा प्रयास है कि उत्तर प्रदेश के हर किसान को आधुनिक साधनों और सरकारी योजनाओं से लाभ मिले। किसानों की सफलता ही राज्य की समग्र प्रगति है।”
किसान सम्मान दिवस का महत्व
राष्ट्रीय स्तर पर किसान सम्मान दिवस का आयोजन किसानों के सम्मान और उनके योगदान की सराहना के लिए किया जाता है। चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व में किसानों के हितों की रक्षा करने और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने का संदेश इस दिन विशेष महत्व रखता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह धरतीपुत्रों यानी किसानों के हितों की रक्षा करे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की सभी नीतियां और योजनाएं किसानों के कल्याण और राज्य की कृषि विकास को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं।
इस अवसर पर कृषि विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों ने भी किसानों के लिए राज्य सरकार की नीतियों, योजना वितरण और तकनीकी सहायता को सफल बताया। कार्यक्रम में किसानों की भारी उपस्थिति ने इसे एक सशक्त और प्रेरणादायक आयोजन का रूप दिया।
चौधरी चरण सिंह की जयंती पर उत्तर प्रदेश में मनाया गया यह किसान सम्मान दिवस राज्य सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। ट्रैक्टर वितरण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और आधुनिक कृषि तकनीकों पर जोर देकर सरकार ने यह संदेश दिया कि किसान ही राज्य की प्रगति की असली ताकत हैं।
यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं बल्कि किसानों को सशक्त बनाने और उनकी आय में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ। प्रदेश के किसानों ने भी इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर भाग लिया और राज्य की कृषि समृद्धि में अपनी भागीदारी दिखाई।